Data Type in C Language

C Programming Language in Hindi - BccFalna.com ये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook  C Programming Language in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

C Programming Language in Hindi | Page: 477 + 265 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Data Type in C: मान या मानों के समूह Computer के लिए Data होता है। Real World में भी Data (मान या मानों का समूह [Value or a Set of Values]) कई प्रकार के होते हैं। जैसे किसी व्यक्ति की उम्र को हम संख्‍या के रूप में दिखाते हैं, जबकि उस व्यक्ति के नाम को Characters के समूह के रूप में परिभाषित करते हैं। इसी Concept के आधार पर C Language में भी विभिन्न प्रकार के Data को Store करने के लिए विभिन्न प्रकार के Data Types के Keywords को Develop किया गया है।

यदि गौर किया जाए तो वास्तव में Data केवल दो तरह के ही होते हैं। या तो Data Numerical होता है, जिसमें केवल आंकिक मान होते हैं और इनके साथ किसी ना किसी प्रकार की Calculation को Perform किया जा सकता है या फिर Alphanumerical जो कि Characters का समूह होते हैं, जिनके साथ किसी प्रकार की किसी Calculation को Perform नहीं किया जा सकता।

C Language में भी Data को Store करने के लिए दो अलग तरह के Data Types में विभाजित किया गया है, जिन्हें क्रमश: Primary (Standard) Data Type व Secondary (Abstract or Derived) Data Type कहा जाता है। Primitive Data Type Standard Data Type होते हैं, जबकि Derived या Abstract Data Type Primitive Data Type पर आधारित होते हैं। फिर जरूरत के अनुसार इन दोनों Data Types को भी कई और भागों में बांटा गया है, जिन्हें हम निम्न चित्र द्वारा समझ सकते हैं:

C Programming Language in Hindi

किसी भी Identifier Variable या Constant को Define करने से पहले यह निश्चित करना जरूरी होता है कि वह Identifier (Variable, Array, Constant आदि) किस तरह का मान Store करेगा। यानी यदि हमें छोटी संख्‍या को Computer में Store करना हो तो हमें int प्रकार के Data Type के Identifier को Use करना होता है, जबकि यदि हमें बडी संख्‍या को Computer में Store करना हो तो हम long प्रकार के Data Type का Identifier Use करना होता है।

इसी तरह से यदि हमें Computer में केवल एक Character को Store करना हो, तो हम char प्रकार के Data Type को Use करते हैं, जबकि यदि हमें पता ही ना हो कि हम किस प्रकार के Data को Computer में Store करेंगे, तो हम void प्रकार का Identifier Declare करते हैं। यानी हमें किस प्रकार के मान को किस प्रकार के Data Type के Identifier में Store करना है, यह बात Program की Requirement पर निर्भर करता है।

किसी भी Programming Language में Real Life Objects को Data (Value or a Set of Values) के रूप में Represent किया जाता है जबकि हर Value का अपना एक Specific Type होता है और किसी Programming Language द्वारा Supported विभिन्‍न प्रकार के Data के Type को बेहतर तरीके से समझे बिना हम किसी Real World Problem को Computer Program के रूप में बेहतर तरीके से Represent नहीं कर सकते।

इसलिए विभिन्‍न प्रकार के मानों को Represent करने के लिए जिन-जिन Data Types को उपयोग में लिया जा सकता है, उनके बारे में विभिन्‍न प्रकार के Real World Example Programs के माध्‍यम से सरल तरीके से समझने के लिए आप C Programming Language in Hindi पुस्‍तक को उपयोग में ले सकते हैं, जिसमें विभिन्‍न प्रकार के Data Types को न केवल सरल भाषा में समझाया गया है, बल्कि विभिन्‍न Data Types को Discuss करते समय Practical Programs के रूप में किसी न किसी Real World Example को Use किया गया है, जिससे Programming समझना काफी आसान हो गया है। (Data Type in C)

How to declare Variables or Constants?
The difference between float and double Datatype

C Programming Language in Hindi - BccFalna.com ये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook  C Programming Language in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

C Programming Language in Hindi | Page: 477 + 265 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Download All Hindi EBooks

सभी हिन्दी EBooks C, C++, Java, C#, ASP.NET, Oracle, Data Structure, VB6, PHP, HTML5, JavaScript, jQuery, WordPress, etc... के DOWNLOAD LINKS प्राप्‍त करें, अपने EMail पर।

Register करके Login करें। इस Popup से छुटकारा पाएें।