Only 3 Levels of Programming Languages

C Programming Language in Hindi - BccFalna.com ये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook  C Programming Language in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

C Programming Language in Hindi | Page: 477 + 265 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Levels of Programming Languagesभाषा, दो व्यक्तियों के बीच संवाद, भावनाओं या विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम प्रदान करती है। हम लोगों तक अपने विचार पहुंचा सकें व अन्य लोगों के विचारों का लाभ प्राप्त कर सकें इसके लिये जरूरी है कि संवाद स्थापित करने वाले दोनों व्यक्तियों के बीच संवाद का माध्यम समान हो। यही संवाद का माध्यम भाषा कहलाती है। अलग-अलग स्थान, राज्य, देश, परिस्थितियों के अनुसार भाषा भी बदलती रहती हैं, लेकिन सभी भाषाओं का मकसद संदेशों या सूचनाओं का आदान प्रदान करना ही होता है।

ठीक इसी तरह कम्प्यूटर की भी अपनी कई भाषाएं है, जो जरूरत व उपयोग के आधार पर विकसित की गई हैं। हम जानते हैं, कि कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन मात्र है। इसलिए ये हम सजीवों की तरह सोंच-विचार नहीं कर सकता और न ही हमारी तरह इनकी अपनी कोई भाषा होती है, जिसके माध्‍यम से हम इनसे सम्बंध बना कर सूचनाओं का लेन-देन कर सकें।

इसलिए कम्प्यूटर को उपयोग में लेने के लिए एक एसी भाषा की जरूरत होती है, जिससे हम हमारी भाषा में कम्प्यूटर को सूचनाएं दें व कम्प्यूटर उसे उसकी मशीनी भाषा में समझे और हमारी चाही गई सूचना या परिणाम को हमें हमारी भाषा में Return करे, ताकि हम उस Return होने वाले Output को अपनी भाषा में समझ सकें।

Level of Computer Languages

कम्प्यूटर मुख्‍यतः एक ही भाषा यानी मशीनी भाषा को ही समझता है। फिर भी मोटे तौर पर कम्प्यूटर भाषा को निम्नानुसार तीन भागों में बांटा गया है। ये High Level Languages हैं, जिनके साथ एक ऐसा Software Included होता है, जो इन High Level Languages के Program Codes यानी Program Instructions को मशीनी भाषा के Low Level Codes में Convert करने का काम करता है, जिन्हें Computer समझता है।

Low Level Language या Machine Language

इसे मशीनी भाषा भी कहते हैं। यह भाषा केवल बाइनरी कोड के अनुसार लिखनी होती है, इसलिये ये भाषा केवल वे ही लोग उपयोग में ले सकते हैं जो कम्प्युटर की सारी आंतरिक संरचना यानी Internal Architecture and Organization को जानते हों, साथ ही इस भाषा में लिखे प्रोग्राम केवल उसी कम्प्यूटर पर Run हो सकते हैं, जिन पर इन्‍हें लिखा गया होता है। ये एक बहुत ही कठिन भाषा होती है, जो उस समय उपयोग में ली जाती थी, जब High Level Languages को विकसित नहीं किया गया था।

Middle Level या Assembly Language

इसे असेम्बली भाषा या Assembly Language भी कहते हैं। इस भाषा में सामान्य अंग्रेजी के शब्दों को उपयोग में लेकर प्रोग्राम लिखा जाता है, इसलिये ये भाषा उपयोग में Machine Language की तुलना में सरल होती है, लेकिन फिर भी काफी जटिल होती है।

इस भाषा के साथ एक Assembler नाम का Software Associated होता है, जो सामान्य अंग्रेजी के शब्दों को मशीनी भाषा में बदलने का काम करता है ताकि कम्प्यूटर उसे समझ सके। इस भाषा में भी प्रोग्राम बनाने वाले प्रोग्रामर को कम्प्यूटर हार्डवेयर या उस Digital Device के Internal Architecture and Organization का सम्पूर्ण ज्ञान होना जरूरी होता है जिसके लिए Program Develop किया जा रहा होता है। साथ ही ये प्रोग्राम भी केवल उसी कम्प्यूटर पर Run हैं, जिस पर इन्हे लिखा गया होता है। यानी Machine Language में लिए गए Program की तरह ही Assembly Language में Develop किए गए Programs भी Portable नहीं होते।

High Level Language

ये हमारे आज के वातावरण में उपयोग में आने वाली भाषाएं हैं। ये भाषाए इतनी सरल हैं कि कोई भी सामान्य व्यक्ति इनमें प्रोग्राम बना सकता है। क्‍योंकि इन Programming Languages का प्रयोग करते समय Programmer को उस Device के Internal Architecture and Organization के बारे में किसी भी प्रकार का ज्ञान होने की जरूरत नहीं होती, जिसके लिए प्रोग्राम बनाया जा रहा होता है। इस भाषा में सारे के सारे कोड अंग्रेजी में लिखे जाते हैं। चूंकि इस प्रकार की High Level Programming Languages के साथ भी एक Software Included रहता है, जिसे Compiler कहते हैं, जो सीधे ही प्रोग्राम कोड को मशीनी कोड में बदल देता है।

C Language ही एक ऐसी Programming Language है जिसका प्रयोग Device Driver जैसे Hardware Level को Access करने वाले Software व Programs बनाने के लिए किया जा सकता है क्‍योंकि ये Pointers के माध्‍यम से Computer Architecture के विभिन्‍न Devices की Memory Locations को Access व Manipulate करने में सक्षम होता है।

इसलिए केवल सामान्‍य स्‍तर की C Language सीख लेने मात्र से आप अच्‍छे C Programmer नहीं बन सकते, बल्कि आपको Pointers जैसे उन Concepts को भी अच्‍छी तरह से समझना व उपयोग में लेने के विषय में अच्‍छी व गहराई से जानकारी होना जरूरी होता है, जो कि  C Programming Language in Hindi  के लिए उपयोगी बनाते हैं और इस विषय में हिन्‍दी भाषा में यदि कोई पुस्‍तक अच्‍छी व सरलता से आपको जानकारी दे सकता है, तो वह हमारी पुस्‍तक C Programming Language in Hindi ही कर सकता है। इसलिए यदि आप अच्‍छे Programmer बनना चाहते हैं, तो ये पुस्‍तक आपको जरूर खरीदनी चाहिए। (Levels of Programming Languages)

Computer Architecture and Organization: How it Works?
Meaning of a Computer Program - Simple Explaination

C Programming Language in Hindi - BccFalna.com ये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook  C Programming Language in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

C Programming Language in Hindi | Page: 477 + 265 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Download All Hindi EBooks

सभी हिन्दी EBooks C, C++, Java, C#, ASP.NET, Oracle, Data Structure, VB6, PHP, HTML5, JavaScript, jQuery, WordPress, etc... के DOWNLOAD LINKS प्राप्‍त करें, अपने EMail पर।

Register करके Login करें। इस Popup से छुटकारा पाएें।