Procedural Programming Paradigm Example

Java Programming Language in Hindiये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook Java in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

Java Programming Language in Hindi | Page: 682 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Procedural Programming Paradigm Example: Pascal, C, Basic, Fortran जैसी पारम्परिक भाषाएं Procedural Languages के उदाहरण हैं, जिसमें प्रत्येक Statement Computer को कुछ करने का आदेश देता है। यानी Procedural Language Program, Instructions का एक समूह होता है। Procedural Languages में छोटे Programs के लिये किसी भी अन्य प्रकार के Pattern की आवश्‍यकता नही होती है। Programmer Instructions की List बनाता है और Computer उनके अनुसार काम करता है।

जब प्रोग्राम काफी बडे व जटिल हो जाते हैं, तब Instructions की यह Instruction List काफी परेशानी पैदा करती है। इसलिये एक बडे प्रोग्राम को छोटे-छोटे टुकडों में बांट दिया जाता है। इन छोटे-छोटे टुकडों को Functions कहा जाता है। Functions को दूसरी अन्य भाषाओं में Subroutine, Sub-Program  या Procedure कहा जाता है।

एक बडे प्रोग्राम को छोटे-छोटे Functions में विभाजित करने से पूरा Program Functions का एक समूह बन जाता है। इसे Module कहा जाता है। लेकिन ये Modules भी Procedural Programming में ही आते हैं क्योंकि सभी Functions में Statements की एक List होती है और सभी Functions मिल कर पूरा Program बनाते हैं, जिससे पूरा Program Instructions की एक बहुत बडी List बन जाता है।

Procedural Languages के शुरूआती दौर में इनमें ही Program Develop किए जाते थे। “C” भी एक Procedural Languages है और जब “C” भाषा का आविष्‍कार हुआ था तब Programmers अन्य भाषाओं को छोड कर “C” में ही अपने Program Develop करने लगे थे। लेकिन समय व आवश्‍यकता के अनुसार जब Program बडे व जटिल होने लगे, तब Programmers को इस भाषा में प्रोग्राम बनाने में दिक्कतें आने लगीं। उन्होने महसूस किया कि इस भाषा में कुछ सुधार की आवश्‍यकता है ताकि ये भाषा सरल व लोकप्रिय बन सके। ये भाषा सरल बन सके इसके लिये इसका वास्तविक जीवन के अनुसार होना जरूरी था।

यानी हम हमारे सामान्य जीवन में जिस प्रकार से व्यवहार करते हैं, इस भाषा का भी वैसा ही होना जरूरी था ताकि Programmers इसमें अधिक सरलता व सफलता से Program बना सकें। भाषा वास्तविक जीवन के अनुसार हो, यही Concept Object Oriented Programming यानी OOP का आधार बना।

“C” भाषा की इन कमियों को पहचाना गया और इसमें सुधार किया गया। फलस्वरूप हमें “C” भाषा का एक नया संस्करण “C++” प्राप्त हुआ जो कि Object Oriented Concept पर आधारित है। आवश्‍यकता के अनुसार इस भाषा की कमियों को भी पहचाना गया और उसमें सुधार करने पर जो नई भाषा सामने आई वह Java थी।  आइयें, हम भी जानने की कोशिश करते हैं कि “C” भाषा में ऐसी कौनसी कमियां थीं, जिनमें सुधार की आवश्‍यकता महसूस की गई ?

Procedural Languages में काम होने का महत्व था Data का नहीं, यानी कि Keyboard से Data Input किया जाए, Data पर Processing की जाए, Errors को Check किया जाए आदि।

Functions में भी इसी महत्व को जारी रखा गया। Functions कोई काम करते हैं, उसी प्रकार से जिस प्रकार से साधारण Statement करता है। Functions कोई जटिल काम भी कर सकते हैं लेकिन इनमें भी काम के होने का ही महत्व था। पूरे Program में Data पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था जबकि पूरे प्रोग्राम का मूल आधार Data ही होता है।

यानी किसी Inventory के Program में इस बात का कोई ज्यादा महत्व नहीं होता है कि Data को किस प्रकार से Display किया जाता है या एक Function किस प्रकार से Corrupt Data को Check करता है, बल्कि इस बात का होता है कि Data क्या है और वह किस प्रकार से Program में काम आ रहा है। Procedural Program में Data को द्वितीय स्तर पर रखा गया था जबकि किसी भी Program का मूल आधार Data ही होता है।

किसी Inventory के Program में किसी Data File को Memory में Load किया जाता है, तब ये File एक Global Variable की तरह होती है, जिसे कोई भी Function Use कर सकता है। ये Functions Data पर विभिन्न प्रकार के Operations करते हैं। यानी ये Data को Read करते है, Analyze करते हैं, Update करते हैं, Rearrange करते हैं, Display करते हैं और वापस Disk पर Write करते हैं। “C” में Local Variables भी होते हैं लेकिन Local Variables, महत्वपूर्ण Data के लिये इतने उपयोगी नहीं होते हैं, जो कि विभिन्न Functions द्वारा Access किए जाते हैं।

मानलो कि एक नए Programmer को Data को किसी खास तरीके से Analyze करने के लिये एक Function लिखने को कहा गया। प्रोग्राम की जटिलता से अनभिज्ञ Programmer एक ऐसा Function बनाता है, जो कि अचानक किसी महत्वपूर्ण Data को नष्‍ट कर देता है। ऐसा होना काफी आसान है क्योंकि कोई भी Function Data को Access कर सकता है।

इसलिये क्योंकि Procedural Language में Data Global होता है। ये कुछ ऐसा ही है जैसे कि आप अपने Personal कागजात को Telephone Directory के पास रख दें जहां कभी भी कोई भी पहुंच सकता है, उससे छेडछाड कर सकता है और उसे नष्‍ट कर सकता है। इसी प्रकार से Procedural Languages में होता है जहां आपका Data Global होता है और कोई भी Function उसे Use करके खराब कर सकता है या नुकसान पहुंचा सकता है।

Procedural Languages की दूसरी कमी ये थी कि कई Functions एक साथ एक ही Data को Use कर रहे होते हैं, इसलिये Data को Store करने का तरीका काफी जटिल हो जाता है। समान Data को Use कर रहे सभी Functions को Modify किए बिना Data में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।

उदाहरण के लिये यदि आप एक नया Data Add करते हैं तो उन सभी Functions को Modify करना होगा जो कि Data को Use कर रहे हैं, ताकि ये सभी Functions Add किए गए नए Data को Use कर सकें। ये पता करना कि कौन-कौन से Function Data को Use कर रहे हैं और सभी को बिल्कुल सही तरीके से Modify करना काफी कठिन होता है।

Procedural Programs को Design करना काफी मुश्किल होता है। समस्या ये होती है कि इनका Design वास्तविक जीवन से Related नहीं होता है। जैसे कि, माना आप एक Graphics User Interface में Menus, Windows के लिये Code लिखना चाहते हैं, तो आपको ये तय करना मुश्किल होगा कि कौनसे Functions Use किए जाए? कौनसा Data Structure Use किया जाए? आदि। इन सवालों का कोई स्पष्‍ठ उत्तर नहीं है।

Procedural Programs के साथ कई और परेशानियां हैं। उनमें से एक समस्या नए Data Type की है। Computer Languages में कई प्रकार के Built-in Data Types होते हैं, जैसे कि Integer, Float, Character आदि। मानलो कि आप Complex Numbers के साथ प्रक्रिया करना चाहते हैं या Two-dimensional Coordinates के साथ काम करना चाहते हैं या Date के साथ प्रक्रिया करना चाहते हैं। Built-in Data Type इनको आसानी से Handle नहीं कर सकते हैं। इसलिए हमें हमारी आवश्‍यकतानुसार स्वयं के Data Type बनाने की जरूरत होती है।

Procedural Language में स्वयं के Data Type बना कर हम उन्हे बिल्कुल Built-in Data Type की तरह Use नहीं कर सकते हैं। Procedural Language इतने उन्नत नहीं हैं। बिना अप्राकृतिक जटिल तरीकों के आप Procedural Languages में x व y दोनों Coordinates को एक ही Variable में Store करके उस पर Processing नहीं कर सकते हैं। Procedural Languages को लिखना व Maintain करना काफी मुश्किल काम होता है। (Procedural Programming Paradigm Example)

Basics of Java Programming for Beginners
Object Oriented Programming Concepts in Java

Java Programming Language in Hindiये Article इस वेबसाईट पर Selling हेतु उपलब्‍ध EBook Java in Hindi से लिया गया है। इसलिए यदि ये Article आपके लिए उपयोगी रहा, तो निश्चित रूप से ये पुस्तक भी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। 

Java Programming Language in Hindi | Page: 682 | Format: PDF

BUY NOW DOWNLOAD READ ONLINE

Download All Hindi EBooks

सभी हिन्दी EBooks C, C++, Java, C#, ASP.NET, Oracle, Data Structure, VB6, PHP, HTML5, JavaScript, jQuery, WordPress, etc... के DOWNLOAD LINKS प्राप्‍त करें, अपने EMail पर।

Register करके Login करें। इस Popup से छुटकारा पाएें।