SEO Tutorial in Hindi

SEO Tutorial in Hindi: कोई भी User जब Google Search Box में किसी Keyword को Type करके Searching करता है तो उस Keyword से सम्बंधित 10 Most Relevant Results की List Return करने के लिए Google उस Keyword पर 200 से ज्‍यादा Search Ranking Factors या Searching Rules को Apply करता है और लाखों Websites के करोडों Pages में से 10 ऐसे Results की List को 1st to 10th Position पर Rank करता है, जो उस Searching करने वाले User की जरूरत को पूरा करने हेतु Best हों।

इन 10 Most Relevant Search Results की List Return करने के लिए Google जिन 200+ Search Ranking Factors को Keyword पर Apply करता है, वे Google के Top Secret Ranking Factors हैं जिनकी वजह से आज Google दुनियां की सबसे बडी Online Search Company है और इसीलिए Google के किसी Employee ने कभी भी इन सभी 200 Ranking Factors के बारे में खुलकर बात नहीं की, लेकिन समय-समय पर Google के अलग-अलग Employees ने Ranking Factors से सम्बंधित जो जानकारियां खुले अथवा बन्द शब्दों में दी हैं, ये Article उन्हीं का एक और अधिक बेहतर Collection मात्र है, जिसमें कुछ Ranking Factors पूरी तरह से स्वयं सिद्ध हैं, जिन्हें Google ने भी पूरी तरह से स्वीकार किया है, तो कुछ को Google ने पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन पूरी तरह से नकारा भी नहीं है। जबकि कुछ Ranking Factors ऐसे हैं, जिनके विषय में Google की तरफ से Open या Closed किसी भी तरीके से कुछ नहीं कहा गया है, बल्कि अलग-अलग Web Masters ने अपने अन्दाजे लगा, हैं, जो कि सही भी हो सकते हैं और नहीं भी इसीलिए कुछ Google Ranking Factors Controversial भी हैं।

चूंकि ये Article Internet पर उपलब्‍ध अन्‍य Resources से Collect किए गए Google Search Ranking से सम्बंधित Factors का Collection मात्र है, जिसे Google के किसी Employee ने Officially Recommend नहीं किया है, इसलिए इन सभी को Google द्वारा Provide की गई Ranking Factors की Recommended List मानना सही नहीं होगा।

इस List में जिन भी Ranking Factors को Discuss किया है, उन्हें मैंने Google Ranking से सम्बंधित विभिन्न Online Resources, Books, Blogs, SEO Sites आदि को Study करके Collect किया है तथा पिछले 6+ सालों के अपने स्वयं के SEO अनुभव के आधार पर एक-एक Ranking Factor को सरलतम शब्दों के माध्‍यम से समझने की कोशिश की है, ताकि आप हिन्दी भाषी Readers व Visitors, SEO को थोडा और बेहतर तरीके से समझ सकें व अपनी Website/Blog के Webpages/Posts Create करते समय उन पर इन्हें आसानी से Apply कर सकें, ताकि आपके Webpage/Post को Google व अन्‍य Modern Search Engines पर आप द्वारा विभिन्न Keywords के लिए Optimized आपके Webpage/Post को SERP (Search Engine Result Page) पर High Ranking प्राप्त कर सकें।

चूंकि, Internet व Web की मूल भाषा अंग्रेजी है, इसलिए English भाषा में बनाई गई Websites/Blogs को उपयुक्‍त स्तर तक Optimize न करने पर भी Google व अन्‍य Modern Search Engines जैसे कि Bing, Yahoo आदि उन्हें विभिन्न Keywords के लिए High Ranking दे देते हैं, क्‍योंकि ये Search Engines मूलत: अंग्रेजी भाषा में Develop किए गए Pages के Content को काफी आसानी से Scan कर लेते हैं व विभिन्न English Keywords के लिए Most Relevant Results के रूप में Serve कर देते हैं। लेकिन जब बात हिन्दी या अन्‍य गैर-अंग्रेजी भाषा में लिखे गए Contents वाले Webpages/Posts की आती है, तब स्थिति उतनी आसान नहीं होती, क्‍योंकि Google अंग्रेजी के अलावा किसी भी अन्‍य भाषा को ठीक से नहीं समझता।

इसलिए अंग्रेजी आधारित Websites को थोडा-बहुत Optimize कर देने पर भी पर्याप्त Search Traffic मिल जाता है, लेकिन हिन्दी या अन्‍य Regional Languages जैसे कि गुजराती, मराठी, पंजाबी, कन्नड आदि में लिखे जाने वाले Contents पर आधारित Websites/Blogs को Google द्वारा बहुत कम Search Traffic प्राप्त होता है, क्‍योंकि Searching करते समय जब तब User Search Box में उस भाषा को Specify नहीं करता, जिस भाषा में वह Search Results चाहता है, तब तक Google मूल रूप से English भाषा के Page की List ही Serve करता है।

उदाहरण के लिए BccFalna.com एक Programming and Development Niche पर आधारित Website है, जिसे मैं पिछले 6 साल से Regular Maintain व Update कर रहा हुं और जैसाकि आप पढ ही रहे हैं, ये Website पूरी तरह से हिन्दी Contents पर आधारित है। लेकिन यदि मैं Google Search Engine में “Learn PHP” Keyword Type करता हूं, तो मेरी Website, Google SERP के Top 10 Positions में Display नहीं होती:

SEO Tutorial in Hindi

SEO Tutorial in Hindi

जबकि यदि मैं इसी Keyword के साथ “Hindi” शब्द Add करके फिर से Search Perform करूं:

SEO Tutorial in Hindi

SEO Tutorial in Hindi

तो जैसाकि आप उपरोक्त चित्र में देख सकते हैं, इस बार SERP यानी Result Page के Top के दोनों Results BccFalna.com के हैं।

ऐसा इसलिए हो रहा है क्‍योंकि मैंने अपने Webpages को “पी पी सीखें हिन्दी में” Keyword के लिए नहीं बल्कि “Learn PHP Hindi” Keyword के लिए Optimize किया है और मैंने ऐसा इसलिए किया है, क्‍योंकि Google “हिन्दी” शब्द को भी अंग्रेजी में लिखे गए “Hindi” शब्द से ही समझ पाता।

होता ये है कि सामान्‍यत: लोग जानकारी तो हिन्दी में चाहते हैं, लेकिन Searching अंग्रेजी में करते हैं, क्‍योंकि एक तो Google Search Box में हिन्दी Type करने की व्‍यवस्था काफी जटिल है और दूसरा हिन्दी Keywords के लिए Optimized Websites/Blogs की संख्‍या बहुत कम है। इसीलिए जब लोग Google का प्रयोग करते हैं, तब “हिन्दी” शब्द को भी अंग्रेजी में “Hindi” Type करके Search करते हैं।

इसलिए वर्तमान समय में गैर-अंग्रेजी Websites/Blogs को Optimize करना तो बहुत ही ज्‍यादा जरूरी है और वो भी हिन्दी Keywords के लिए नहीं बल्कि हिन्दी Keywords को Simulate करने वाले अंग्रेजी Keywords के लिए और इस Article का उद~देश्‍य यही है कि गैर-अंग्रेजी आधारित Websites/Blogs को किस तरह से बेहतर तरीके से Optimize किया जाए, ताकि Google जैसे Modern Search Engines से अधिक व बेहतर Quality वाला Targeted Traffic प्राप्त हो सके।

ये Article केवल गैर-अंग्रेजी आधारित Websites/Blogs के लिए ही उपयोगी साबित होगा ऐसा बिल्कुल नहीं है क्‍योंकि जब Google किसी Keyword के लिए Top-10 Results Return करता है, तब यद्यपि भाषा को भी एक Ranking Factor की तरह Use करता है, लेकिन भाषा के अलावा 199+ Ranking Factors और होते हैं। इसलिए इस Article में Discuss किए जाने वाले Rules यदि आप अपनी English आधारित Website/Blog पर Apply करेंगे, तो गैर-अंग्रेजी आधारित Websites/Blogs की तुलना में आपके Site/Blog को तो निश्चित रूप से और ज्‍यादा Keywords के लिए High Ranking प्राप्त होगी।

तो चलिए, एक-एक करके हम Google के उन 200+ Ranking Factors के बारे में थोडा और बेहतर तरीके से जानने की कोशिश करते हैं, जिन्हें Google प्रत्येक Search Query पर Apply करता है और समझने की कोशिश करते हैं कि किस तरह से हम ज्‍यादा से ज्‍यादा Google Ranking Factors को अपने Webpages/Posts पर Apply कर सकते हैं, ताकि Google हमारे चुने गए Keywords के लिए हमारे Webpages/Posts को SERP पर High Ranking Provide करे जिससे उन्हें और ज्‍यादा Free Search Traffic प्राप्त हो।

1 Get Your Top Level Domain Name

Google हमेंशा Top-Level Domain को किसी भी Sub-Domain की तुलना में अधिक प्राथमिकता देता है और किसी Keyword के लिए Ranking Calculate करते समय इस Factor को निश्चित रूप से काफी महत्व देता है।

इसलिए यदि आप WordPress.com या Blogger जैसे Free Blogging Platform को Use करते हुए Blogging कर रहे हैं, तो निश्चित रूप से आपके Posts की Ranking, बहुत ही Rare Situations में ही High होगी, जबकि आपके Blog Post की Quality बहुत ही ज्‍यादा अच्छी हो और आपके Niche के Competition में कोई Top Level Domain (TLD) युक्‍त अन्‍य Post न हो।

अत: यदि आप अभी भी WordPress.com या Blogger द्वारा Provide किए गए Sub-Domain के साथ ही Blogging कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप किसी अच्छे Domain Registrar से अभी अपना स्वयं का Personal Domain Name खरीदें और उसे अपने Blogger Blog के साथ Associate करें अथवा स्वयं का Personal WordPress Blog Setup करें क्‍योंकि आप मात्र $10 प्रतिवर्ष यानी लगभग 600/- रूप, सालाना बचाने के चक्कर में अपने Content की Ranking से समझौता कर रहे हैं, जो कि मेरी नजर में बिल्कुल भी जायज नहीं है।

यदि आप अपने Blog के लिए सालाना 600/- रूप, यानी लगभग 50/- रूप, प्रतिमाह अथवा लगभग 2/- रूप, प्रतिदिन भी खर्च नहीं कर सकते, तो फिर मेरे खयाल से आपको Blogging नहीं करनी चाहिए क्‍योंकि बिना स्वयं का Top Level Domain खरीदे हुए Google जैसे Search Engines आपको कोई विशेष Quality युक्‍त Free Targeted Traffic ही नहीं देंते, बिना Targeted Traffic के आप अपनी Online Identity नहीं बना सकते, और जब आप अपनी Online Identity ही नहीं बना सकते, तो फिर Online Earning करने का तो खयाल ही छोड दीजिए बल्कि नए Posts लिखने के चक्कर में अपना समय ही क्‍यों खराब कर रहे हैं क्‍योंकि कोई उन्हें पढने ही नहीं आने वाला और यदि कोई भूल-भटके आ भी गया, तो कोई Professional Level का व्‍यक्ति तो आपके Blog पर रजिस्टर भी नहीं करेगा और जब तक लोग आपके Blog पर Register नहीं करेंगे, तब तक आपका Reader Base नहीं बनेगा, जब तक आपका Reader Base नहीं बनेगा, तब तक आपका Online अस्तित्व शून्‍य मात्र है।

2 Age of the TLD is Important

आपका Domain कितना पुराना है, इस बात से ये पता चलता है कि आप अपनी Online Identity यानी अपने Blog या Website के प्रति कितना गंभीर हैं।

इसलिए हालांकि आपने अपना Domain Name कितने समय पहले खरीदा था, इस बात का Ranking Factor पर कोई बहुत ज्‍यादा विशेष प्रभाव नहीं पडता। लेकिन फिर भी Google इस बात को भी Page की Ranking तय करने हेतु उपयोग में लेता है।

अत: यदि आप अपने किसी पुराने Domain को उपयोग में लेना बन्द करने के बारे में सोंच रहे हैं, बल्कि पुराने Domian को नए Domain Name से Replace करना चाहते हैं, तो एक बार फिर सोंच लीजिए क्‍योंकि Ranking के दौरान Google आपके पुराने Domain को आपके नए Domain से ज्‍यादा महत्व देगा।

3 Use Keywords in Top Level Domain

हालांकि अब TLD में Search किए जा रहे Keyword के Exist होने का Page Ranking पर उतना प्रभाव नहीं पडता, जितना पहले पडता था, लेकिन फिर भी अभी भी Google इस Factor को Ranking तय करने में महत्व देता है।

इसीलिए जब आप Google में Searching करते हैं, तो आपका Search किया गया Keyword जिस Page के Top Level Domain का हिस्सा होता है, उसे तुलनात्मक रूप से अन्‍य Pages की तुलना में अधिक High Ranking प्राप्त होती है तथा Search Engine के Result Pages में उस Keyword को TLD में निम्न चित्रानुसार Highlight किया जाता है।

यानी जैसाकि आप निम्न चित्र में देख सकते हैं कि हमने “bccfalna” Keyword Search किया है, जिसके Top-Level Domain Name में वो Keyword Exist है, जिसे Search किया गया है, इसलिए Return होने वाले Results में www.bccfalna.com Domain Name को Top Position की Ranking प्राप्त हो रही है:

Google's 200 Search Ranking Factors - Complete List in Hindi

Google’s 200 Search Ranking Factors – Complete List in Hindi

अत: यदि आपके Website/Blog का Topic काफी Broad हो, तो उस Topic से सम्बंधित शब्द को Keyword की तरह अपने Domain Name में जरूर Include करें।

उदाहरण के लिए यदि आपकी Website JobVacancies से सम्बंधित है, तो Job व Vacancy शब्द को अपने Domain Name में जरूर Include करें। इससे आपके Page को “Job” व “Vacancy” Keywords के लिए Google द्वारा अधिक महत्व प्राप्त होगा।

4 Keywords in Beginning of Top Level Domain

यदि Search किया जा रहा Keyword, Top Level Domain की शुरूआत में Exist हो, तो Google इस प्रकार की Site के Pages को उन Websites की तुलना में अधिक Ranking देता है, जिनमें या तो Keyword Exist ही नहीं होता या Domain Name की शुरूआत में नहीं होता। जैसे:

Google's 200 Search Ranking Factors - Complete List in Hindi

Google’s 200 Search Ranking Factors – Complete List in Hindi

इस चित्र में पहले Result में TLD की शुरूआत में ही Search किया गया Keyword “bali” Exist है, जबकि दूसरे Result में यही Keyword URL के Part के रूप में Exist है। यानी यदि Search किया गया Keyword, TLD की शुरूआत में हो तो उसे High Ranking मिलती है।

अत: यदि आपकी Website JobVacancies से सम्बंधित है, तो Job व Vacancy शब्द को अपने Domain Name में की शुरूआत में Include करने की कोशिश कीजिए। इससे आपके Page को “Job” या “Vacancy” Keyword के लिए Google द्वारा अधिक महत्व प्राप्त होगा।

5 Domain Registration Length

जो लोग अपनी Website के प्रति काफी Serious होते हैं, वे अपने Domain Name को कई-कई सालों के लिए Register करवाते हैं। इसलिए Google इस बात को भी एक Ranking Factor की तरह Use करता है कि आपने अपना Domain Name कितने सालों के लिए Register करवाया है या आप कितने सालों के लिए अपने Domain को Renew करवाते हैं।

यानी Google की नजर में Domain Expiry का समय काफी महत्व रखता है। यदि आपने अपने Domain को 5 साल के लिए Register करवाया है, तो आपका Domain, SERP पर उन Domains की तुलना में अधिक High Ranking प्राप्त करेगा, जिन्होंने अपने Domain को केवल 1 साल के लिए ही Register करवाया हैं जबकि उन Domains की तुलना में आपकी Ranking कम होगी, जिन्होंने अपने Domain को 10 साल के लिए Register करवाया है।

अत: बेहतर यही है कि जब अगली बार आप अपने Domain Name को Renew करें, तो कम से कम 5 या 10 साल के लिए Renew करें, ताकि Google को पता चले कि आप अपनी Website के प्रति Serious हैं और उसे लम्बे समय तक Maintain करना चाहते हैं। इस Signal से Google SERP पर आपके Pages की Ranking निश्चित रूप से कुछ और बेहतर होगी।

6 Use Keywords in Sub-Domain Name

Google द्वारा Sub-Domain Name को भी Top-Level Domain Name के लगभग समान महत्व दिया जाता है। इसीलिए तो जब आप Blogger.com या WordPress.com जैसा Free Blogging Services को Use करते हैं, तब भी Google आपके Pages को Search Engine Result Page पर विभिन्न Keywords के लिए High Ranking Provide करता है हालांकि ये Ranking Top-Level Domain Names की तुलना में कम होती है लेकिन URL में USE किए जाने वाले Keywords की तुलना में तो निश्चित रूप से काफी ज्‍यादा होती है।

इसलिए यदि आपकी Website में आप कई Different Categories के Contents को Manage कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप प्रत्येक Different Category को Different Sub-Domain के साथ Maintain करें और आपका Sub-Domain भी उपयुक्‍त Keywords से युक्‍त हो, जिस पर उन सभी Ranking Factors को Apply किया गया हो, जिन्हें आप Top-Level Domains पर Apply करते हैं। इससे आपकी Website के Different Categories को SERP पर अधिक High Ranking प्राप्त होगी।

यही कारण है कि Google, Yahoo, Bing आदि सभी बडे Search Engines, Mobile पर दिखाई देने वाली Websites को एक Sub-Domain के माध्‍यम से Different तरीके से दिखाने की सलाह देते हैं। यानी हमें Insist करते हैं कि हम Desktop और Mobile दोनों पर दिखाई देने वाली समान Website के लिए Different Domain व Sub-Domain का प्रयोग करें। इसीलिए सामान्‍यत: Website के Mobile Version को m.website.com तरीके से Sub-Domain के साथ Associated देखा जाता है।

7 Don’t Create a Long Domain History

Domain History को भी Google द्वारा Ranking Factor की तरह Use किया जाता है। इसलिए जब आप अपना Domain Register करवाते हैं, तो जहां तक हो सके, अपने Domain Registrar को बार-बार Change न करें न ही अपने Domain को खरीदते समय आप जो Information जैसे Contact Address Information, Phone Number, Mobile Number, Email Address आदि Specify करते हैं, उन्हें Change करें क्‍योंकि जब आप इन Information को बार-बार Change करते हैं, तो इनकी एक History बनती है जिन्हें Search Engines एक एक Negative Signal की तरह उपयोग में लेते हैं। क्‍योंकि यदि आप इन Information को बार-बार Change करते हैं, तो Search Engines के लिए ये इसी बात का Indication होता है कि आप अपने Domain की Identify को लोगों के साथ Share करना नहीं चाहते अथवा आप कुछ छिपाना चाहते हैं।

इसलिए Domain खरीदते समय जितना सम्भव हो, उतना Correct Information Fill करें और Domain खरीदने के लिए किसी ऐसे Registrar का चयन करें, जिसके साथ आप अपने Domain को लम्बे समय तक Host कर सकें, क्‍योंकि आप जितनी बार भी Domain Registrar Change करते हैं, आपके Domain की History में एक और Change Add हो जाता है।

8 Exact Match Domain

Exact Match Domain (EMD) Names को Google द्वारा High Priority Ranking Factor की तरह Use किया जाता रहा है। इसीलिए जब आप कोई ऐसा Keyword Search करते हैं, जो किसी Website का Exactly Top Level Domain होता है, तो Google उस Website को Top Ranking देता है।

उदाहरण के लिए यदि आप Google में “bccfalna” Keyword को Search करेंगे, तो www.bccfalna.com आपको First Result के रूप में प्राप्त होगा, क्‍योंकि “bccfalna” Keyword, www.bccfalna.com Domain से Exactly Match करता है।

हालांकि यदि Exact Match Domain होने के बावजूद यदि आपकी Site Top Ranking प्राप्त नहीं कर रही है, तो इसका मतलब यही है कि Google की नजर में उस Website की Quality ठीक नहीं है इसलिए उसकी तुलना में अन्‍य Websites को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।

इस स्थिति में बेहतर यही है कि आप अपनी Website के Look and Feel, Content Quality व अन्‍य Ranking Factors पर ध्‍यान दें व जितना हो सके उतना Optimize करें, क्‍योंकि Exact Match Domain ही यदि Top Ranking प्राप्त नहीं करेगा, तो किसी अन्‍य Keyword के लिए Top Ranking प्राप्त करना कितना मुश्किल होगा, इस बात का अन्दाजा आप स्वयं ही लगा सकते हैं।

9 Public V/s Private WhoIs

Private WhoIs Information इस बात का Indication है कि हम कुछ छिपाना चाहते हैं और Google इस बात को भी Ranking Factor की तरह Use करता है कि हमारे Domain के साथ Associated हमारी Personal WhoIs Information को हमने Public Access में रखा है, ताकि कोई भी अन्‍य व्‍यक्ति उसे देख सके व हमारे बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सके अथवा Private Access में रखा है, ताकि Visitor हमारे बारे में कम से कम जान सके।

यदि हमने इसे Private रखा है, तो Google के लिए ये इस बात का Indication होता है कि हम हमारे Visitor से कुछ छिपाना चाहते हैं। इस स्थिति में Google हमारी Website की Ranking, उन Domain Name की तुलना में कम कर देता है, जिन्होंने अपने Domain को Public WhoIs Information के साथ Publicly Accessible रखा है।

Public WhoIs Information काफी महत्वपूर्ण है, जिसे केवल Google जैसे Search Engines ही नहीं बल्कि Banks, Payment Gateway Providers, Government, Commercial Organizations आदि भी बहुत महत्व देते हैं और यदि आप अपने Domain की WhoIs Information को Private रखते हैं, तो कोई Payment Gateway Company (CCAvenue, PayUMoney, etc…) आपकी Website के लिए ECommerce की सुविधा यानी Online Payment Accept करने की सुविधा हेतु तब तक Payment Gateway Account Provide करने को तैयार नहीं होते जब तक कि आप अपनी WhoIs Information को Public नहीं कर देते।

इसलिए आपका Domain Public WhoIs Information Provide करता है या नहीं, इस बात का आपके Domain की Ranking पर निश्चित रूप से काफी प्रभाव पडता है।

अत: बेहतर यही होगा कि यदि आपने अपने Domain को Private WhoIs के साथ Associate कर रखा है, तो अभी अपने Domain Registrar से कहिए कि वह आपके Domain Name को Public WhoIs के लिए Update करे अथवा यदि आप स्वयं ये काम कर सकते हैं, तो अपने Domain A/c में Login कीजिए और अपने Domain को Public WhoIs Information के लिए Update कीजिए।

अपने या किसी भी दूसरे के Domain की WhoIs Information प्राप्त करने अथवा Domain History जानने के लिए आप http://who.is/ Website का Online Tool Use कर सकते हैं। बस वह Domain Name Specify कीजिए जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं और उस Domain की सम्पूर्ण Detail आप Online देख सकते हैं।

10 Don’t SPAM, Your all TLD would Penalized

यदि Google किसी ऐसे Domain Owner को Identify कर लेता है, जो कि किसी भी तरह से Online Spamming कर रहा है, तो इस प्रकार के Domain Owner की WhoIs Information को Google द्वारा विशेष रूप से Monitor किया जाता है और यदि वह Domain Owner वास्तव में Spamming कर रहा होता है, तो उस Domain Owner द्वारा जितने भी Domains Register किए गए होते हैं, उन सभी की Ranking को Google द्वारा Penalize किया जाता है।

उदाहरण के लिए यदि आप कहीं से 10000 Users की Email List प्राप्त कर लेते हैं और बिना CANSPAN Rules को पूरी तरह से Follow किए हुए, उन्हें बार-बार Emails Send करते हैं, तो आपका Domain Google की Monitoring List में पहुंच जाता है, जहां Google आपके Domain को Monitor करता है और इस बात का पता लगाने की कोशिश करता है कि आप वास्तव में जानबूझ कर ऐसा कर रहे हैं या अनजाने में और यदि Google को लगता है कि आप जानबूझ कर लोगों को बिना उनकी Permission के Emails Send कर रहे हैं, तो उस स्थिति में Google आपके उस Domain को तो Spam List में डालता ही है, साथ ही WhoIs Information के माध्‍यम से आपकी सारी Details Access करता है और आप द्वारा Registered सभी अन्‍य Domains की Ranking को भी आपके Spamming की सजा मिलती है यानी उनकी Ranking भी कम हो जाती है। कई बार तो Google इस तरह के Spammers के सभी Domains को Permanently Blacklisted भी कर देता है।

इसलिए यदि आप किसी भी तरह से Spamming कर रहे हैं, तो ये न समझें कि Identify कर लिए जाने पर केवल उसी Domain की Ranking प्रभावित होगी, जिसके माध्‍यम से आप Spamming कर रहे थे बल्कि आपके द्वारा Registered सभी Domains की Ranking प्रभावित होगी। अत: बेहतर यही है कि जहां तक सम्भव हो, Spamming से बचें, क्‍योंकि कई बार आप अनजाने में भी Spamming कर रहे होते हैं, जिससे बचने की कोई सम्भावना ही नहीं है।

11 Country Extension of TLD gets Priority

यदि आपने अपना Top Level Domain एक Country Domain Extension जैसे कि .in, .pk, .ca, jp, आदि के रूप में खरीदा है, तो निश्चित रूप से Google आपके Domain को आपकी Country में विशेष प्राथमिकता देते हुए High Ranking देगा। लेकिन जब बात Global Ranking की होगी, तब आपके Domain की Ranking पर अन्‍य Top Level Domain Extension जैसे कि .com, .net, .org, .gov, .info, .edu आदि को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।

इसलिए यदि आप कोई ऐसा Website या Blog Develop करना चाहते हैं, जिसके ज्‍यादातर Target Visitors किसी Particular Country के ही होंगे, तो आप Country Level Domain Extension को प्राथमिकता दीजिए। लेकिन यदि आपको लगता है कि आपकी Website/Blog पर International Visitors आऐंगे और विभिन्न देशों से आने वाले सभी प्रकार के Visitors के लिए आपकी Website/Blog का Content उपयोगी होगा, तो फिर .com, .net, .org, .gov, .info, .edu आदि को अधिक प्राथमिकता दीजिए।

हालांकि इन Domains को आपके Selected Country Level के Search Results में भी High Ranking प्राप्त करने में Country Level Domain Extension की तुलना में कुछ अधिक समय लगेगा, लेकिन आपके Domain को Global Level पर भी High Ranking प्राप्त होने की सम्भावना रहेगी।

इस पोस्‍ट में मैंने Google Ranking से सम्‍बंधित कुल 11 Factors को काफी सरल भाषा में समझाने की कोशिश की है, फिर भी आप देख सकते हैं कि ये पोस्‍ट काफी बडा हो गया है, जबकि अभी कम से कम 189 Ranking Factors को Discuss करना बाकी है। यानी यदि मैं सभी Ranking Signals को Discuss करूं, तो मुझे कम से कम इतने ही बडे-बडे लगभग 17-18 और Articles लिखने पडेंगे। लेकिन मुझे कैसे पता चले कि मैंने जो लिखा है, उसे आपने पसन्‍द भ्‍ाी किया है और ये जानकारी आपके लिए उपयोगी भी रही है और यदि इन 11 Factors में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी नहीं है, तो बाकी के 189 Ranking Factors को Discuss करने का कोई औचित्‍य ही नहीं है।

तो यदि आपको ये Article उपयोगी व ज्ञानवर्धक लगा हो और आप चाहते हों कि मैं बाकी के 189+ Search Ranking Factors को भी विस्‍तार से Discuss करूं, तो इस Article को FaceBook, Google+, LinkedIn, Twitter आदि पर LikeShare कीजिए और अपने Comment दीजिए, ताकि मुझे भी इस बात का Signal मिले कि आप भी SEO को ठीक से सीखना चाहते हैं तथा मेरे द्वारा हिन्‍दी भाषा में SEO (Search Engine Optimization) से सम्‍बंधित Articles लिखने में की जाने वाली मेहनत फालतू नहीं है।

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Comments

  1. गिर्राज प्रसाद says:

    आपका ये लेख मुझ जैसे नये blogger के लिए काफी उपयोगी है। इस लेख से मुझे बहुत सीखने को मिला है।

  2. shaima sharma says:

    mene kai dafa seo ke baare me pada , lekin sab jagah english ki wajah se bahut problem aati ha samajhne me , par yaha par mujeh bahut badia tarike se aapne article likha ha seo ke baare me dhanyawadd

  3. very good information but it is very long

  4. santosh yadav says:

    Very nice.

  5. chulbul pandey says:

    Thanks it is very useful

  6. Thankyou vary nice

  7. i,m impressed really great experience with bccfalna………………

  8. harikant sharma says:

    badi khushi hoti hai hai jab aap jaise guni lekhak itna accha laikh likhte hai vastav me aapne is post ko bahut hi sundar tareeke se ak ak bindu par prakash dala hai aage ke point par bhi jaroor likhe kyoki aapki tarah samajhna aur kisi ke bas ki baat nahi nishchit hi aap dhanyawad ke patra hai . meri nayi website YogiChintan naam se hai krpya dekhkar bataye isme kya sudhar kiya ja sakta hai . mere blog himalay me sadhna karne wale yogiyo ke baare me sabke samne lana hai , jin tathyo se ham anjaan hai aur sabhi ke jivan ko himalay jaisi uchai prapt ho sake. himalay se sambandhit kisi bhi sadhna ki jankari ke liye nimn Email par sampark kare mere Jivan ke 35 saal sadhana me hi beete hai ye blog bhi sewa bhavna se likhna shuru kiye hai isliye mujhe aapki sahayta ki jaroorat hogi ak bar fir se bahut thanks.

    • आपके कमेंट के लिए धन्‍यवाद।

      जहाॅं तक आपके Blog के संदर्भ में कुछ सलाह देने की बात है, यदि एक-दो परेशानी हो, तो सलाह दी जा सकती है लेकिन जिस तरह का आपका Blog है, उसे केवल सुधारा जा सकता है, सुधारने के संदर्भ में कोई सलाह दिया जाना सम्‍भव नहीं है। साथ ही मैं Blogger जैसे Free Hosting वाले Blog पर काम नहीं करता क्‍योंकि ये पूरी तरह से Insecure है साथ ही किसी भी तरह का Server Side Control Provide नहीं करता, और आपका Blog Blogger.com पर है, इसलिए आपके Blog को सुधारना भी सम्‍भव नहीं है।

      यदि आप वास्‍तव में Blogging के प्रति Serious हैं और केवल अपना ज्ञान लोगों के साथ बांटना ही नहीं चाहते बल्कि अपने Blog से कुछ Earning भी करना चाहते हैं, तो आपको कुछ पैसा खर्च करना होगा अपने खुद की Self Hosting के लिए, ताकि आपके लिए WordPress का Blog Setup किया जा सके और उसे Professional Look and Feel दिया जा सके।

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      अन्‍यथा यदि आप चाहें, तो मैं आपको Paid Tech Support भी Provide कर सकता हुं, जिसके लिए आप मेरे Tech Support Page को Visit कर सकते हैं।

  9. Nice Blog

  10. Mishra Ji,
    Bahut Achchhe, Apne hindi aur English ka satik combination ready kiya hai, wo lajavab hai. Ham Hindi pathakon ke liye yah bahut upyogi siddh hoga. Aasha hai ki ap aise hi aur bhi blog likh kar hamen apne gyan se prabhavit karenge.
    Main apke agle blog ka wait karunga.

  11. AApki website ke articles main aksar padhta rahta hu
    aap bahut kaam ki jankariyan dete hain
    iske liye aapka dhanyavad….
    hame iske agle articles ka bhi besbri se intjar hai

  12. All of your points are related to domain only, but what about on page and off page factor. Kindly write about these two points also. How we can do good on page to increase keywords ranking?

  13. ager humne domain karid liyaa pir uske liyee webspace bhi to chahiee uska kaya charge hoga?

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