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HTML5 with CSS3 in Hindi | Page: 481 | Format: PDF

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Web Related General Terms

Network

जब विभिन्न प्रकार के बहुत सारे Electronic Devices (जैसे कि Computers, NetBooks, Laptops, Mobile Phones, iPads, Tablet PCs आदि) आपस में किसी माध्यम (जैसे कि Telephone Lines, Wireless Techniques, Satellites आदि) के द्वारा एक दूसरे से Connected होते हैं और एक दूसरे के Data व Information को आपस में Share करते हुए एक दूसरे के साथ Communication करते हैं, तो इस प्रकार से आपस में जुडे हुए Devices के Group को Network कहा जाता है। Network मूल रूप से तीन प्रकार के होते हैं:

LAN – Local Area Network or Intranet

जब कुछ Electronic Devices आपस में एक छोटे से कमरे या Building के अन्दर Information Sharing व Communication करने के लिए एक दूसरे से Connected होते हैं, तो इस प्रकार के छोटे से Network को LAN या Intranet कहा जाता है।

MAN – Metropolitan Area Network

जब कुछ LANs दो या दो से ज्यादा शहरों में स्थित होते हैं और आपस में Information Sharing व Communication करने के लिए एक दूसरे से Connected होते हैं, तो इस प्रकार के मध्यम आकार के Network को MAN कहा जाता है।

WAN – Wide Area Network or Internet

जब बहुत सारे LANs व MANs विभिन्न देशों में स्थित होते हैं और आपस में Information Sharing व Communication करने के लिए एक दूसरे के साथ Connected होते हैं, तो इस प्रकार के बडे Network को WAN या Internet कहा जाता है।

WWW – World Wide Web

World Side Web एक ऐसा तरीका है, जिसमें दुनियां भर के लाखों Computers व अन्य प्रकार की Electronic Devices जैसे कि Mobile Phones आदि आपस में Connected होते हैं और आपस में विभिन्न प्रकार की Information को Share करते हैं, जो कि Web Pages या HTML Pages के रूप में Web पर स्थित होते हैं।

Protocol

दो या दो से ज्यादा Electronic Devices के बीच आपस में Communication करवाने के लिए कुछ छोटे-छोटे Standard Software बनाए गए हैं। इन Software को Protocol कहा जाता है। विभिन्न प्रकार की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के Protocols Develop किए गए हैं।

उदाहरण के लिए यदि Internet से किसी File को एक Computer से दूसरे Computer पर Transfer करना हो, तो ये काम FTP (File Transfer Protocol) करता है, यदि E-Main Send करना हो तो SMTP (Simple Mail Transfer Protocol) व E-Mail को प्राप्त करना हो, तो POP (Post Office Protocol) Use किया जाता है। जबकि यदि हमें World Wide Web पर उपलब्ध किसी Resource को Access करना हो, तो जरूरत को HTTP (Hyper Text Transfer Protocol) पूरा करता है।

इसी तरह से विभिन्न प्रकार के अन्य Internet या Network Related कामों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के Protocols को Develop किया गया है। इन Protocols के समूह को एक विशेष नाम से Identify किया जाता है, जिसे TCP/IP यानी Internet Control Protocol / Internet Protocol कहा जाता है।

IP Address

जब भी कोई Device Internet से Connect होता है, Internet द्वारा एक विशेष तरीके का प्रयोग करके Connect होने वाले हर Device को एक Unique Number प्रदान कर दिया जाता है। Internet द्वारा हर Device को दिए जाने वाले इस Unique Number को उस Device का IP Address कहा जाता है।

ये एक 32-Bit Number होता है, जिसमें चार 8-Bit Numbers होते हैं और चारों Numbers 0 से 255 की Range के बीच हो सकते हैं। इन चारों Numbers को एक Dot का प्रयोग करके एक दूसरे से अलग किया जाता है।

उदाहरण के लिए 170.17.8.192 किसी समय किसी Computer का एक IP Address हो सकता है। इस IP Number के दो हिस्से होते हैं: पहला हिस्सा उस Network को Identify करता है जिस में Host Exist है और दूसरा हिस्सा किसी Particular Host को Identify करता है। IP Address दो प्रकार के होते हैं:

Dynamic IP Address

हमारे Network द्वारा हमारे किसी Device को Provide किया गया ये IP Address Number तभी तक हमारे Device को Refer करता है, जब तक हम Net से Connected रहते हैं। जैसे ही हम Net से Disconnect होते हैं, हमें Allot किया गया IP Number किसी अन्य Device को Provide किया जा सकता है।

यदि हम फिर से Net से Connect होते हैं, तो फिर से हमें वही IP Number प्राप्त नहीं होगा, बल्कि Internet द्वारा हमें एक नया Number दे दिया जाएगा। इस स्थिति में हमारा Device तो एक ही होता है, लेकिन अलग-अलग समय पर Net से Connect होने के कारण कई IP Numbers द्वारा Identify हो सकता है। इस प्रकार के IP Address को Dynamic IP Address कहा जाता है।

Static IP Address

यदि हम चाहें तो हम हमारे Host यानी Server के लिए एक Static IP Address प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन Static IP Address काफी महंगा होता है। ये एक ऐसा IP Address होता है, जो Unique होता है और कभी भी बदलता नहीं है चाहे हैं Net से Connected रहें अथवा Disconnected रहें।

Host or Server

Network पर स्थित एक विशिष्‍ट प्रकार का Computer Host या Server कहलाता है। चूंकि Host सामान्यतया Server का काम करता है, इसलिए Host हमेंशा बाकी के अन्य Computers की तुलना में अधिक Powerful होता है। TCP/IP Network के हर Host का एक Unique IP Address होता है, जिससे उस Host की Network पर एक Unique पहचान होती है।

कोई भी Powerful Configuration वाला Computer Host या Server हो, ऐसा नहीं होता बल्कि जिस Computer पर एक Special Type का Software जिसे Web Server, Mail Server अथवा File Server कहते हैं, Installed होता है, उसी Computer को Host अथवा Server कहा जा सकता है।

वर्तमान समय में मूल रूप से IIS व Apache नाम के दो Web Servers सबसे ज्यादा उपयोग में लिए जाते हैं। IIS Web Server Windows Operating System के लिए Microsoft Company द्वारा बनाया गया Web Server है, इसलिए इस पर Microsoft Technology की Programming Languages जैसे कि ASP या ASP.NET में बनाए गए Web Applications ज्यादा आसानी व सुविधापुर्ण तरीके से Run होते हैं, जबकि Apache Linux के लिए Develop किया गया Web Server है, जो Server Side Scripting Language के रूप में PHP को ज्यादा बेहतर तरीके से Access करता है।

Hostname or Domain

किसी भी TCP/IP Network के किसी Powerful Computer को Host बनाया जाता है, जो उसके Clients को Services Provide करता है। हर Host का एक Unique IP Address होता है, जिससे उस Host को अन्य Clients Identify करते हैं। लेकिन जब हम Internet से जुडते हैं, तब लाखों TCP/IP Networks आपस में Connected होते हैं, इसलिए विभिन्न प्रकार के Hosts को Identify करने के लिए IP Address को याद रखना जरूरी होता है, ताकि एक Client Required Host से किसी Service के लिए Request कर सके।

चूंकि IP Address वास्तव में एक 32-Bit Number होता है और विभिन्न Hosts के IP Numbers को याद रखना एक कठिन काम है, इसलिए विभिन्न Hosts को Internet की एक विशेष Service द्वारा एक Logical Symbolic नाम दे दिया जाता है और हमें किसी Host को उसके IP Number के स्थान पर उसके नाम से याद रखना होता है, जो कि तुलनात्मक रूप से सरल होता है। किसी Host के IP Address के साथ एक नाम Associate करने का काम DNS (Domain Name Service) व Sun Microsystems Company का NIS (Network Information Services) करता है।

जब हम Net से किसी Web Site के किसी Web Page को प्राप्त करना चाहते हैं, तब हमें उस Web Site का Web Address लिखना होता है। इसी Web Address में हमारे उस Host का नाम होता है, जिससे हम Connect होना चाहते हैं। Internet की जिस DNSNIS Service का प्रयोग करके किसी Host को एक नाम Provide किया जाता है, वही Service हमारे Web Address में से Host के नाम को भी प्राप्त करने के बाद Host के नाम के आधार पर उस नाम से सम्बंधित IP Address या IP Number को प्राप्त करता है और हमें उस Host पर पहुंचा देता है, जिस पर हमारी Required Site उपलब्ध होती है। इस नाम को ही Hostname या Domain Name कहा जाता है।

जैसे www.bccfalna.com एक Domain Name है, जिसका कोई न कोई Unique IP Address भी होगा। लेकिन यदि हम इस Web Site पर पहुंचना चाहते हैं, तो हमें केवल इस नाम को याद रखना होता है। शेष काम DNS Automatically करता है।

Resources

Internet पर विभिन्न प्रकार की ऐसी Files होती हैं जिन्हें Web Browser Support करता है। ये Files कोई HTML, XML या अन्य प्रकार का Document हो सकता है, कोई Text File हो सकती है, कोई Document File हो सकती है अथवा कोई Media File जैसे कि Image, Sound अथवा Video की File हो सकती है। इन विभिन्न प्रकार की Files को सामान्यतया एक शब्द में “Resources” कहा जाता है।

URL – Uniform Resource Locator

चूंकि Internet पर कई प्रकार की Files Available हैं जिन्हें Web Browser द्वारा Access व Use किया जा सकता है। इन विभिन्न प्रकार के Resources का एक Unique Address होता है, जिसका प्रयोग करके इन Resources को Web Browser में प्राप्त व Access किया जा सकता है। Resources के इन Unique Address को ही URL या Uniform Resource Locator कहा जाता है।

यानी http://www.bccfalna.com/home.html home.html नाम के Resource या Document File का एक Unique Address है। इस Address को Web Browser के Address Bar में Specify करके हम Directly इस Web Page पर पहुंच सकते हैं। ये Web Address ही URL या Uniform Resource Locator है क्योंकि हम जब भी कभी इस Address का उपयोग में लेंगे, हम हमेंशा home.html Document पर ही पहुंचेंगे। किसी भी URL के हमेंशा तीन भाग होते हैं :

Protocol
Server Name
Resource with Path

हमारे उपरोक्त उदाहरण URL में http:// Protocol है, www.bccfalna.com Web Server है और home.html Resource है। यानी

Protocol                                             http://
Server Name                                     www.bccfalna.com
Resource with Path                          /home.html

जब हम इस पूरे URL को Web Browser के Address Bar में लिखते हैं, तब Web Browser इस Address से तीन बातें समझता है।

  • पहला ये कि हम जिस Resource को Web Server से प्राप्त करना चाहते हैं, वह एक HTML Document है क्योंकि HTML Document को ही Hypertext Document भी कहा जाता है और Hypertext Document को प्राप्त करने के लिए Web Browser को HTTP Protocol Use करना पडता है।
  • दूसरी Information Web Browser को ये मिलती है कि हम हमारा Resource जिस Web Server से प्राप्त करना चाहते हैं, उस Web Server का नाम www.bccfalna.com है। अब इस एक नाम के भी तीन हिस्से हैं:
    • जहां पहला हिस्सा www Web Browser को ये बता रहा है कि हमारा Document जिस Host Computer पर रखा है, वह एक ऐसा Computer है, जो Internet यानी World Wide Web का एक हिस्सा है क्योंकि वह World Wide Web यानी Internet से Connected है जबकि
    • दूसरा हिस्सा उस Computer का नाम है, जिस पर हमारा Document Placed है जो कि bccfalna है और
    • तीसरा हिस्सा ये बता रहा है कि ये एक Commercial Web Document है और इस Web Site में Directly या Indirectly कुछ न कुछ बेचने की कोशिश की जा रही है।
  • URL से तीसरी Information Web Browser को ये मिलती है कि हम इस Web Site से जिस Document को प्राप्त करना चाहते हैं, उस Resource का नाम home.html है और ये Document Web Server के Root Folder में है क्योंकि “/” Character किसी भी Computer System के Root या Home को Represent करता है।

मानलो कि हमारा वांछित Document एक sunlight.jpg नाम की Image File है और ये Image File हमारे Web Server www.bccfalna.com पर किसी images नाम के एक Folder में है Stored है। अब इस Image File को प्राप्त करने के लिए हमें जो URL Use करना पडेगा वह निम्नानुसार होगाः

http://www.bccfalna.com/images/sunlight.jpg

चूंकि हमारा Document एक Image File है और Image File एक Linkable Document है, इसलिए इसे http:// Protocol द्वारा Access किया जा सकता है। साथ ही हमारी Image File www.bccfalna.com नाम के Web Server पर है और इस Web Server के Root पर images नाम का एक Folder है, इसलिए हमने इस Domain Name के बाद उस Folder के नाम को Specify किया है और अन्त में अपनी sunlight.jpg नाम की Resource File को Refer किया है। (Web Related General Terms)

Render Tree and DOM Tree doesn't always follows one to one relationship
Internet is for all. Is it for you?

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