wp-config.php File – Core Configurations

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Advance WordPress in Hindi | Page: 835 | Format: PDF

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wp-config.php File – WordPress में कुछ Configurable Files होती हैं, जिन्हें किसी Specific प्रकार की Requirement को पूरा करने के लिए Modify किया जा सकता है। इन Files को Alter करके हम WordPress की Functionalities को Modify कर सकते हैं और इस Section में हम ऐसी ही कुछ Special Core Files के बारे में जानेंगे, जिन्हें किसी Specific Requirement को पूरा करने के लिए Modify किया जा सकता है।

wp-config.php File

इस File को हम पिछले Chapter में भी Modify करने के विषय में जान चुके हैं। इस File में हमारे WordPress Installation के MySQL Database की Connection Establishment से सम्बंधित जानकारियां होती हैं।

इस File के बिना WordPress Software, MySQL Database के साथ Connection स्थापित नहीं कर सकता और बिना Database Connection के, WordPress काम नहीं कर सकता क्योंकि WordPress में Web Site से सम्बंधित सारी Information Database में ही Store होता है।

इसके अलावा इसी File में Additional Database Security Information व Advance Settings से सम्बंधित जानकारियां होती हैं। ये File वास्तव में wp-config-sample.php नाम से Stored होती है और इसी File को wp-config.php नाम से Rename करके व इसी File में Database की Information Specify करके हम WordPress Installation के First Step को पूरा कर सकते है, जिसके बारे में हमने पिछले Chapter में Detail से समझा था।

सामान्‍यत: ये File WordPress के Root Folder में Stored रहती है। लेकिन हम इस File को Root Folder से Move करके किसी अन्‍य Location पर भी Place कर सकते हैं, जो कि सामान्‍यत: WordPress Sites को ज्यादा Secure बनाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए यदि हमारी WordPress Directory निम्न Path पर हो:

/public_html/bccfalna/wp-config.php

तो हम इस File को निम्न Location पर Move कर सकते हैं, जो कि Sensitive Data की Security के लिए ज्यादा Secure Location होता है, क्योंकि इस Folder तक Admin के अलावा कोई भी अन्‍य User Directly नहीं पहुंच सकता:

/public_html/wp-config.php

जब हम WordPress Site के किसी Page को Web Browser के Addressbar में Load करते हैं, तब WordPress इस File को सबसे पहले Root Directory में Search करता है और यदि ये File Root Directory में प्राप्त नहीं होती है, तो WordPress Controller इस File को अपने Parent Folder में Check करता है। चूंकि WordPress Controller द्वारा ये काम Automatically किया जाता है, इसलिए इस काम को करने के लिए किसी प्रकार की Setting करने की जरूरत नहीं रहती है।

WordPress में विभिन्न Options को Constant मानों की तरह Save किया जाता है, जैसाकि कुछ Constant मानों को wp-config.php File में Save किया गया है। Options को Save करने का एक ही तरीका Use किया जाता है, जो निम्नानुसार है:

define(‘OPTION_NAME’, ‘value’);

इस Syntax में OPTION_NAME वह Option है जिसे Set किया जाना है जबकि value उस Option में Set की जाने वाली Value है।

यदि कभी भी WordPress Software Database Connection सम्बंधित Error Trigger करे, तो हमें हमेंशा सबसे पहले इस wp-config.php File में DB_NAME, DB_USERDB_PADSWORD Options को इनके Correctness के लिए Check करना चाहिए। साथ ही हमें DB_HOST Option की Value को भी Check करना चाहिए क्योंकि कुछ Hosting Companies इस Option “localhost” के स्थान पर किसी अन्‍य मान से Set करते हैं।

WordPress Database Charset and Collate Setup

इसी तरह से Database के Character Set (charset) को Change करने के लिए हम DB_CHARSET Options को Specify कर सकते हैं, जबकि इसका Default मान utf8 होता है, जो कि दुनियां की किसी भी Language के Character को Support करता है और इस Option के लिए हमेंशा Best Value होता है।

DB_COLLATE Option एक Special Option है। DB_CHARSET जिस तरह से ये तय करता है कि Database किन Characters को Store कर सकता है वहीं DB_COLLATE Option इस बात को तय करता है कि DB_CHARSET में Specified Characters की Sorting किस प्रकार से होगी।

जब हम WordPress Install करते हैं, तो WordPress Installation करने से पहले अपने Database में हमें इन Settings को पहले ही Set कर देना चाहिए। WordPress Installation के बाद यदि हम इन Options को Set करते हैं, तो कई बार WordPress Errors का सामना करना पडता है।

WordPress Security Issue Strengthening

wp-config.php File में WordPress की Security को मजबूत करने के लिए Secret Keys को Set कर सकते हैं। Secret Key एक प्रकार का Hashing Code होता है, जो हमारी Web Site के Password के साथ Random Codes को Append करके किसी Hacker द्वारा Hack होने से रोकने की कोशिश करता है।

हालांकि WordPress में यदि इन Keys को Specify न किया जाए, तब भी WordPress Normal तरीके से काम करता है। लेकिन यदि हम इन्हें Specify करते हैं, तो हमारा WordPress Platform ज्यादा Secure हो जाता है।

सामान्‍यत: हमारी इस File में Default रूप से Secrete Key Automatically Generate होकर Define हो जाती है। जबकि Automatically Secure Secret Key Generate करने के लिए हम https://api.wordpress.org/secret-key/1.1/ Web Page का प्रयोग कर सकते हैं।

जैसे हम इस Web Page को Web Browser में Load करते हैं, हमारे सामने एक Secret Key आ जाती है जबकि Web Page को Refresh या Reload करने पर फिर से एक नई Key Display हो जाती है।

यानी एक Key केवल एक ही बार Randomly Generate होती है। इसलिए हमें हमारे WordPress Installation में Secret Key को इस Web Page द्वारा Generate करके जरूरत Change कर देनी चाहिए और समय-समय पर Change करते रहना चाहिए।

wp-config.php File - Core Configuration File - Hindi

wp-config.php File – Core Configuration File – Hindi

जरूरी नही है कि हम इसी Web Page द्वारा Generate की जाने वाली Random Key को ही अपने WordPress Installation में Use करें। बल्कि हम किसी भी Random Character Pattern को Key के रूप में Specify कर सकते हैं। बस हमें केवल इस बात का ही /यान रखना होता है कि हमारी Key 100% Unique हो।

इस Key की एक विशेषता और है कि जैसे ही हम इस Secure Key को Set, Reset या Change करते हैं, हमारी Web Site पर जितने भी Users Logged-In होते हैं, उन्हें फिर से Login करना पडता है क्योंकि इसे Change करते ही हमारी WordPress Web Site की Cookies Invalidate हो जाती हैं।

इसलिए जब कभी भी हम हमारी Web Site में कोई ऐसा Change करते हैं, जिसका Effect हमारे User को तभी Reflect हो सकता है, जबकि वह हमारी Web Site में फिर से Login करे, तो हम हमारी इस Secure Key को Change करके अपनी Web Site की Cookies को Invalidate करते हुए ऐसा कर सकते हैं।

इसी File में $table_prefix Variable की Value को हम “wp_” के स्थान पर किसी भी अन्‍य मान से Set करके अपने Database की Tables की सुरक्षा को Increase कर सकते हैं। क्योंकि इस Variable में हम जो मान Set करते हैं, वही मान हमारे Database की सभी Tables के नाम के साथ Prefix के रूप में Use होता है।

इस Variable में Stored Value द्वारा हम SQL Injection के माध्‍यम से अपने Database में Enter करने वाले किसी Hacker को हमारे Database में SQL Inject करने से रोक सकते हैं।

हम हमारी इच्छानुसार समय-समय पर अपने Table Prefix को Change कर सकते हैं। लेकिन जब हम एक बार WordPress Install कर देते हैं, तो फिर यदि हम इस File में Prefix Change कर दें, तो ये जरूरी हो जाता है कि हमारे MySQL Database में Login करके उसी Prefix से अपनी सभी Tables के नाम को फिर से Rename करें, अन्‍यथा हमारी Website काम करना बन्द कर देगी। इस काम को Manually करने की बजा; हम http://wordpress.org/extend/plugins/wp-security-scan/ Plugin का भी प्रयोग कर सकते हैं।

wp-config.php File में WPLANG Option को Use करके हम हमारे WordPress Installation को Localize भी कर सकते हैं। WordPress हमें विभिन्न Languages को Use करने की Built-In Capability Provide करता है।

WordPress Source Code - Fundamentals
wp-config.php File - Advance Configurations

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