Android Fragment – The Basic Fundamentals

जब किसी Android App की Screen इतनी बड़ी हो कि उसकी सभी Functionalities को एक Single Activity में Manage करना कठिन हो, तो इस स्थिति में उस बड़ी Activity को कई छोटी–छोटी Sub-Activities में Divide कर दिया जाता है। इन्‍हीं  छोटी–छोटी Sub-Activities को Fragments कहते हैं और एक Activity समान समय पर एक या अधिक Fragments को Screen पर Display कर सकता है।

जब Screen छोटी होती है, तब एक Activity में सामान्‍यत: केवल एक ही Fragment होता है और वही Fragment बड़ी Screen पर भी समान रूप से दिखाई देता है।

Fragments की सबसे बडी विषेशता यही है कि एक बार Create कर लेने के बाद हम जितनी चाहें उतनी Activities में इन्‍हें बार-बार Reuse कर सकते हैं। साथ ही Activity की तरह ही प्रत्‍येक Fragment का स्‍वयं का भी एक अलग Lifecycle होता है और हर Fragment स्‍वयं स्‍वतंत्र रूप से Separate Input Events Receive कर सकता है और उसे Response कर सकता है, जिनका Main Activity से कोई Direct संबंध नहीं होता।

किसी Fragment को हमेंशा किसी न किसी Activity में Embedded होना जरूरी होता है और जिस Activity में कोई Fragment Embedded होता है, उसकी Lifecycle का Direct Effect, Fragment की Lifecycle पर पड़ता है। यानी Parent Activity की Lifecycle का End हो जाए, तो Fragment की Lifecycle चाहे Run ही क्‍यों न हो रही हो, उसका भी End हो जाता है। इसी तरह से जब Parent Activity Pause होता है, तो उसके सभी Embedded Fragments भी  Pause हो जाते हैं।

हालांकि जब Activity Resumed यानी Running Stat में होता है, तो उस स्थिति में उसके सभी Fragments को हम स्‍वतंत्र रूप से Access व Manipulate कर सकते हैं। यानी  हमारी जरूरत के अनुसार एक या अधिक Fragments को अपनी किसी भी Activity में स्‍वतंत्र रूप से Add/Remove कर सकते हैं।

जब हम किसी Fragment को अपनी Activity Layout के एक Part के रूप में Add करते हैं, तो वह Fragment हमारी Activity के Views Hierarchy के Layout यानी ViewGroup के अन्‍दर ही रहता है और वहीं पर अपना स्‍वयं का अलग Fragment Layout Define करता है।

किसी Fragment को अपनी Activity Layout में Insert करने के लिए हमें हमारे Activity की Layout File में <fragment> Element को Existing ViewGroup के अन्‍दर ही Use करना होता है अथवा अपने Application की Code File में Code के माध्‍यम से भी इसे Add किया जा सकता है, जिसके बारे में हम आगे जानेंगे।

हालांकि हम हमारी जरूरत व इच्‍छानुसार किसी Fragment को अपनी Activity में Add कर सकते हैं, लेकिन किसी भी Android App में इसे Compulsory रूप से Use करना जरूरी नहीं होता और बिना Fragment का प्रयोग किए हुए भी हम हमारा पूरा Android App Create कर सकते हैं। साथ ही जब हम किसी Fragment को Use करते हैं, तब ये भी जरूरी नहीं होता कि हमारे Fragment का UI Part भी Create किया जाए। यदि हम चाहें, तो Fragment को बिना UI के एक Invisible Background Worker के रूप में भी Create कर सकते हैं, जो कि हमारी Main Activity के लिए जरूरी किसी Functionality को Invisibly Fulfill करता हो।

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Android in Hindi | Page: 628 | Format: PDF

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