Jobs in IT Sector for Freshers – किस Category से हैं आप?

Jobs in IT Sector for Freshers - पिछले Article “Career in IT Sector” पर उम्‍मीद के मुताबिक ढेरों Comments, SMS, WhatsApp व Emails आए लेकिन जैसाकि मैंने पहले भी कहा कि एक-एक को Personally Guide करना मेरे लिए Practically Possible नहीं है क्‍योंकि सभी की समस्‍याऐं मोटे तौर पर काफी अलग व Personal हैं। लेकिन थोड़ा गहराई से विचार करने पर पाया कि भले ही ज्‍यादातर लोगों की अपने Career के प्रति समस्‍याऐं … [Read more...]

क्‍या आप भी अपने IT Career को लेकर Confused हैं?

Career in IT Sector - सामान्‍यत: जितने भी नए Software Developers बनते हैं वे पूरी तरह से Fresher होते हैं। यानी BCA, BSc. IT/CS, PGDCA, MSc. MCA आदि Degree Level Courses Complete करके जल्‍दी से जल्‍दी किसी न किसी कम्‍पनी में Job पाना चाहते हैं लेकिन सच्‍चाई ये होती है कि 3 से 5 साल का Degree Level Course करने के बावजूद 95% से ज्‍यादा Students को ये तक पता नहीं होता कि Software क्‍या होते हैं, … [Read more...]

Don’t wait for the Right Job. Just get it.

जॉब प्राप्‍त करने के हमेंशा से दो तरीके रहे हैं – डिक्‍लेरड् वैकेन्‍सीज् का इन्‍तजार करना। अनडिक्‍लेरड् जॉब्‍स् को प्राप्‍त कर लेना। सामान्‍यतया 99% लोग पहले तरीके को अपनाते हैं। वे अखबार, रोजगार समाचार पत्र-पत्रिकाओं आदि में कम्‍पनियों की जॉब वैकेन्‍सीज् के विज्ञापन का इन्‍तजार करते हैं। कुछ ज्‍यादा समझदार लोग इंटरनेट का सहारा लेते हैं और Nokari.com, Monster.com आदि जॉब साईटस् पर … [Read more...]

Brand Your Identity through Your Website.

आज किसी भी Product या Service को बेचना बहुत ही मुश्किल काम है क्‍योंकि एक ही Product या Service को बहुत सारे Businessman बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी वजह से व्‍यापारियों की आपसी प्रतिस्‍पर्धा बहुत ज्‍यादा हो गई है और ग्राहक इस प्रतिस्‍पर्धा का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। आज के इस जबरदस्‍त प्रतिस्‍पर्धावादी युग में कोई भी Business केवल उसी स्थिति में ज्‍यादा से ज्‍यादा तरक्‍की कर सकता … [Read more...]

Web Developer Vs Web Designer. The Difference…

जैसाकि नाम से ही समझ सकते हैं कि Web Designer किसी भी Website के Design यानी Look and Feel अथवा Webpage के Layout, Structure व Architecture को तय करता है। अन्‍य शब्‍दों में कहें तो वह इस बात को तय करता है कि कोई Website कैसी दिखाई देगी, कौनसा Content कहां Place किया जाएगा। कौनसा Content Heading बनेगा और किस Content को Sub-Heading या Paragraph की तरह Display किया जाएगा। Website में किन … [Read more...]

Learning English is easy than learning Hindi. How?

क्‍या वास्‍तव में English सीखना ज्‍यादा आसान है हिन्‍दी सीखने की तुलना में क्‍योंकि एक International Survey में ये बात साबित हुई है कि हिन्‍दी सीखना तुलनात्‍मक रूप से ज्‍यादा कठिन है English सीखने के, विषेश रूप से उन लोगों के लिए, जिनकी मातृ भाषा यानी घर में व आप-पडौस में बोली जाने वाली मूल भाषा हिन्‍दी नहीं है और यही वजह है कि स्‍वयं भारत में भी हिन्‍दी भाषा को सभी लोग बोल, समझ, लिख व पढ नहीं … [Read more...]

Website vs Blog – Only One Difference

Web को सामान्‍यत: अन्‍य शब्दों में WWW यानी World Wide Web भी कहा जाता है और हम इसे दुनियां की एक सबसे बडी Library की तरह मान सकते हैं, जिसमें हर Website/Blog एक Book के समान होती है और इस Book में विभिन्न प्रकार की जानकारियों से युक्त बहुत सारे Pages होते हैं, जिन्हें Web Page के नाम से जाना जाता हैं। लेकिन Website/Blog के Web Pages हमारी Physical Books की तरह Static नहीं होते, जिन्हें पढने के … [Read more...]

.NET and ASP.NET both are very different than each other.

.NET  और ASP.NET दो एकदम अलग Subjects हैं। .NET वास्‍तव में Microsoft Technology का एक नया अनुप्रयोग है, जो कि वास्‍वत में CLR Classes (Common Language Runtime) का एक समूह है, जिसमें Desktop Application व Web Application दोनों तरह के Applications Develop करने से संबंधित Classes हैं। जब हम Desktop Applications Develop करना चाहते हैं, तब हमें .NET की उन CLR Classes को उपयोग में लेना होता है, … [Read more...]