Three-Tier Design – Component Terminology

Component Based Programming के विभिन्न Concepts को कुछ Special शब्दों द्वारा Represent किया जाता है, जिनके विषय में जानना हमारे लिए जरूरी होता है, ताकि हम इस Special प्रकार की Programming Design को बेहतर तरीके से समझ सकें।

Three-Tier Design

3-Tier Design का मूल Concept ये है कि किसी भी Application को उसकी Functionality के आधार पर हम कुल तीन हिस्सों में विभाजित कर सकते हैं:

  • Presentation Tier
  • Business Tier
  • Data Tier

इन तीनों Layers को यदि हम एक Simple Diagram द्वारा Represent करें, तो हमारा Diagram कुछ निम्नानुसार हो सकता है, जो कि विभिन्न .NET Platform को Specific Layer के साथ Represent कर रहा है, जो कि उस Specific Layer को Implement करते समय Use होते हैं:

Three-Tier Design - Component Terminology - ASP.NET WebForms - Hindi

Presentation Layer के अन्तर्गत User को दिखाई देने वाला User Interface आता है, जिसके माध्‍यम से User Application में Data Input करता है और उस Data को Validate किया जाता है। साथ ही Application के सम्बंधित सभी Events इसी Layer द्वारा Fire होते हैं, और इसी Layer के Event Handlers द्वारा उन्हें Handle भी किया जाता है।

Business Layer के अन्तर्गत हमारे Application के Business से सम्बंधित Logic को Implement किया जाता है। उदाहरण के लिए किसी E-Commerce Application के लिए Application द्वारा Perform किए जाने वाले वे सभी Task जो कि Business से सम्बंधित हो, जैसे कि Valid Coupon Code Apply करना, Order Place करना Shipping Charges Calculate करना आदि Application से सम्बंधित वे Logic हैं, जिन्हें Business Logic के नाम से जाना जाता है और इस Business Tier में Implement किया जाता है।

इस Business Layer के अन्तर्गत किसी Database के साथ Connection Establish करना अथवा किसी Stream File को Open करने जैसे Generic .NET Operations Involve नहीं होते, क्‍योंकि ये Operations किसी भी तरह से Underlying Business Model से सम्बंधित नहीं हैं।

Data Layer के अन्तर्गत हम वह Logic Place करते हैं, जो कि हमारे Application से सम्बंधित विभिन्न Business Data को Underlying Database में Store व Retrieve करने से सम्बंधित होते हैं। यानी Underlying Database या File Stream के साथ किसी भी प्रकार का Interaction, जो कि हमारे Application के Underlying Business के Data से सम्बंधित हो, को इसी Layer द्वारा Handle किया जाता है और सामान्‍यत: SQL Query व Stored Procedures के माध्‍यम से इस Data Layer को Define किया जाता है।

इस तरह से यदि हम इन तीनों Layers की Working को एक Simple Diagram द्वारा Represent करें, तो ये Diagram कुछ निम्नानुसार हो सकता है:

Three-Tier Design - Component Terminology - ASP.NET WebForms - Hindi

इस 2-Tier Architecture की मुख्‍य विशेषता ये है कि ये केवल एक Level से दूसरे Level पर ही Travel करता है, जैसाकि उपरोक्त चित्र में दर्शाया गया है। यानी Presentation Layer, हमेंशा Business Layer पर ही Travel होगा और Business Layer हमेंशा Data Layer पर ही Flow होगा।

अन्‍य शब्दों में कहें तो हमारा Webpage कभी भी Underlying Database से Directly Connect नहीं होता, बल्कि Underlying Database से Connect होने का काम Business Layer का है, जो कि Underlying Database से Data को Retrieve करके Presentation Layer पर Render करता है।

ASP.NET WebForms Application वास्तव में एक 3-Tier Design आधारित Model है। इसलिए जब हम कोई Component Create करते हैं, तो ये लगभग हमेंशा हमारे Web Application के Business Tier की तरह Create होता है, जो कि Presentation Tier व Data Tier के बीच होता है।

अन्‍य शब्दों में कहें तो जब हम किसी ListBox Control को Products के नामों से Fill करना चाहते हैं, तब हमारा User Interface Code किसी Component को Call करता है, जो कि Underlying Database से Products की List को Retrieve करता है और उस List को Presentation Layer को Return कर देता है, जिसे Presentation Layer Output में Render करता है।

इस Approach में हमारे Webpage का ASP.NET Markup Underlying Database की SQL Queries से पूरी तरह से Separated रहता है। परिणामस्वरूप यदि Underlying Database के Structure में किसी प्रकार का परिवर्तन हो, तो हमें केवल उस Database Structure के साथ Associated Middle-Tier Component को ही Modify करना होता है, Presentation Layer के किसी भी Webpage को नहीं।


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