Database Application Development Process – Finding the Requirements

हर Application की अपनी अलग विशेषताएं होती हैं, इसलिए हर Application अलग प्रकार का होता है। फिर भी किसी भी तरह के Applications को Develop करने के लिए हमें कुछ बातों को ध्‍यान में रखकर आगे बढ़ना होता है। यहां हम उन्हीं बातों पर ध्‍यान दे रहे हैं। किसी भी Application को Develop करते समय किसी Developer की निम्न Responsibilities होती हैं:

  • Application के Database Structure को Design करना।
  • Database Application को Design व Develop करना।
  • Development के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की Database जरूरतों को पूरा करने के लिए SQL Codes लिखना।
  • Application में Business Rules व Database Rules को Strict तरीके से Enforce करना।
  • Application की Performance की Tuning करना।
  • Application को Maintain व Update करना।

Finding the Requirements of The Application

किसी भी Application को Design करते समय सबसे पहले हमें Application की उन Requirements को ही Identify करना होता है, जिन्हें हम उस Application द्वारा Solve करना चाहते हैं। हमें हमारा Focus इस बात पर नहीं रखना होता है कि हमारे Application से सम्बंधित Data क्या है, बल्कि हमें इस बात का ध्‍यान रखना होता है कि Data, Application में Use किस प्रकार से हो रहा है। जब हम हमारा Application Design करते हैं, तो उस समय हमें निम्न सवालों का जवाब प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि हम Application की Requirements को Identify कर सकें-

  • Create होने वाले Application को कौन Use करेगा?
  • जो लोग इस Application को Use करेंगे, वे इस Application का प्रयोग करके किस काम को पूरा करवाना चाहते हैं?
  • User की जरूरतों को Application द्वारा किस प्रकार से पूरा किया जा सकता है?

Application को Design करते समय हमें उस End-User को जितना हो सके] उतना अपने Designing Process में Involve करना चाहिए। यदि Application को Design करते समय हमें End-User से पर्याप्त जानकारी मिलती है, तो हमें Application Development से सम्बंधित उन परेशानियों का सामना नहीं करना पडता है, जो Application के Development Purpose को ठीक तरह से ना समझ पाने के कारण पैदा होती हैं।

जब हमें End-User की Application से Requirement की पूरी जानकारी प्राप्त हो जाती है और हमें पूरी तरह से ये समझ में आ जाता है कि End-User को Application से क्या Output चाहिए, तब हम User की Requirement को पूरा करने से सम्बंधित Required Data को Identify कर सकते हैं। इस Step में हमें निम्न बातों को तय करना होता है:

  • User की Requirement को पूरा करने से सम्बंधित Available Data कौनसे हैं?
  • User की Requirement को पूरा करने के लिए इन Data को Application में किस तरह से Process किया जाएगा?
  • Processing के बाद प्राप्त होने वाले Result को किस तरह से Meaningfully तरीके से User को Represent किया जाएगा?
  • Develop किया जाने वाला Application Future में किस तरह से Use किया जाएगा?

हमारे Application द्वारा Generate होने वाला Output End-User को पूरी तरह से समझ में आना बहुत ही जरूरी होता है। क्‍योंकि यदि हमारे Application द्वारा Generate होने वाला Output User को पूरी तरह से समझ में नहीं आता है, तो End-User हमारे Application को कभी Use करना पसन्द नहीं करेगा। यह भी जरूरी होता है कि हमारे Application का Design इस तरह का हो कि यदि कभी भविष्‍य में Application को Modify करने की जरूरत पडे, तो उस Application को Modify भी किया जा सके। (Database Application Development Process – Finding the Requirements)

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  • Designing the Database
  • Designing The Application
  • Enforcing Security
  • Performance Tuning
  • Maintaining and Updating
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Designing the Database

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