How Internet Works – The Administration of Internet

How Internet Works – The Administration of Internet – अभी तक के Discussion से आप अच्छी तरह से समझ चुके होंगे कि InternetWeb दो बिल्कुल ही अलग चीजें हैं, जहां Web एक प्रकार की Service है, जो कि Internet के माध्‍यम से Run होती है और Internet स्वयं दुनियांभर के आपस में Connect हो सकने वाले Devices का Collection है, जिस पर Web, Email, Telephone Exchange आदि विभिन्न प्रकार की Services Run होती हैं।

लेकिन सवाल ये उठता है कि Internet या Web का Administrator कौन है और कौन इस बात को निश्चित करता है कि कौनसा Device Internet से Connect होकर Internet का हिस्सा बनेगा और किस तरह से उन Devices के माध्‍यम से कोई User Internet की विभिन्न Services को Use कर सकेगा?

अक्सर जब किसी से ये सवाल पूछा जाता है, तो उसका जवाब ये होता है कि Internet पर किसी एक Single व्‍यक्ति, संस्था या देश का अधिकार नहीं है। लेकिन जब उसी व्‍यक्ति से ये पूछा जाता है कि जब Internet पर किसी का अधिकार ही नहीं है, तो सारा Internet सारी दुनियां में समान तरीके से व बिना किसी परेशानी के कैसे Run होता है और जब Internet में किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे Resolve कौन करता है अथवा जब Internet के लिए कोई नया Standard बनाया जाता है, तो उस Standard को कौन बनाता है और उसे सारी दुनियां में किस प्रकार से Apply कर दिया है?

तो इन सवालों का जवाब सामान्यत: उसके पास भी नहीं होता, जिसने आपको बताया होता है कि Internet पर किसी एक Single व्‍यक्ति, संस्था या देश का अधिकार नहीं है।

लेकिन क्‍योंकि ये सवाल अपने आप में काफी Valid सवाल हैं, इसलिए इनका एक Valid जवाब भी होना चाहिए। तो चलिए! इन सवालों को थोडा बेहतर तरीके से समझने की कोशिश करते हैं, ताकि हम इन सवालों के जवाबों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

हां, ये बात सही है कि Internet पर किसी एक Single व्‍यक्ति, संस्था या देश का अधिकार नहीं है, लेकिन ये बात आधे सत्‍य को ही Represent करती है। पूरा सत्‍य ये है कि जब हम ऐसा कहते हैं कि Internet पर किसी एक Single व्‍यक्ति, संस्था या देश का अधिकार नहीं है, तब वास्तव में हम Indirectly ये कह रहे होते हैं कि Internet पर दुनियांभर के विभिन्न देशों, संस्थाओं व लोगों का समान अधिकार है और दुनियांभर के सभी लोग Directly या Indirectly आपस में मिलकर इस बात को तय करते हैं, कि Internet किस प्रकार से काम करेगा, किस दिशा में आगे बढेगा और किस तरह से सभी लोगों के लिए समान रूप से उपलब्ध व उपयोगी होगा।

यानी Internet पर किसी एक व्‍यक्ति, संस्था या देश का पूर्ण अधिकार नहीं है बल्कि सभी लोगों का समान अधिकार है।

उदाहरण के लिए जब आप अपने Mobile Phone को अपने ISP (Internet Service Provider) द्वारा Provide की जा रही Service का प्रयोग करते हुए Internet से Connect होते हैं, तब आप भी Internet का एक हिस्सा होते हैं और उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, जितना कोई अन्‍य व्‍यक्ति उसी Internet से किसी अन्‍य ISP के माध्‍यम से अपने Computer System को Connect करके होता है।

यानी ISP के माध्‍यम से Internet से Connect होने वाले प्रत्येक व्‍यक्ति का Connected Device, Internet का हिस्सा होता है और सभी Devices समान रूप से Important होते हैं क्‍योंकि सभी Devices आपस में मिलकर ही Internet को रूपित (Form) करते हैं या बनाते हैं। इसलिए सभी लोग अपने-अपने Devices को Disconnect कर लें, तो फिर Internet का अस्तित्व ही नहीं रहेगा।

चूंकि Internet पर किसी एक Single व्‍यक्ति, संस्था या देश का Control नहीं होता, इसलिए Internet को विकसित करने के लिए किसी एक Single व्‍यक्ति, Corporation, University या Government द्वारा Fund यानी पैसा भी Provide नहीं किया जाता।

लेकिन फिर भी Internet को दुनियांभर में व्‍यवस्थित तरीके से चलाने के लिए इसे Manage करने की तो जरूरत होती ही है और इस Management को भी उन सभी लोगों द्वारा Co-Operative तरीके से Perform किया जाता है, जो कि Internet को Form करते हैं यानी Internet का हिस्सा बनते हैं और जैसाकि हमने उपरोक्त Paragraph में बताया कि जब आप किसी तरीके से अपने Device को Internet से Connect करते हैं, तब आप भी Internet का हिस्सा होते हैं इसलिए Internet के Management में आप भी समान रूप से Participate करते हैं। कैसे?

जो भी लोग Internet को Use करना चाहते हैं, वे किसी न किसी Device को Use करते हैं, जो कि Mobile Phone, Tablet PC, Computer आदि कुछ भी हो सकता है। इन Devices पर उन लोगों का स्वयं का पूर्ण अधिकार होता है। ठीक इसी तरह से School, Colleges, Universities, Business Organizations आदि का अपना Local Network होता है, जिसे Internet से Connect करके वे अपने Network की Devices को Internet का हिस्सा बनाते हैं और इन Networks पर उनके Organizations का पूर्ण अधिकार होता है।

जब आम लोग अपने Devices को तथा Organizations अपने Local Network को Internet का हिस्सा बनाना चाहते हैं, यानी Internet द्वारा विभिन्न प्रकार की Services जैसे कि Web या Email आदि को Use करना चाहते हैं, तब एक दूसरे के साथ Connection स्थापित करने के लिए उन्हें Wired या Wireless माध्‍यम की जरूरत होती है और ये माध्‍यम उन्हें Telephone Companies Provide करती हैं, क्‍योंकि Internet का सारा Network पूरी तरह से इन Telephone Lines के माध्‍यम से ही जुडता है।

इन Telephone Lines के माध्‍यम से Internet से जुडने के लिए अथवा Internet का हिस्सा बनने के लिए एक User के रूप में हम इन Telephone Companies को भुगतान करते हैं और इस भुगतान के बदले में ये Telephone Companies अपनी Telephone Lines को Manage करती हैं, नई Telephone Lines बिछाती हैं और एक ISP (Internet Service Provider) के रूप में हमारे Device/Network के Information के Packets को Transact करने के लिए Packet Routing की सुविधा Provide करती हैं, जिसके लिए जितने भी प्रकार के Switching Devices व Equipments की जरूरत होती है, उन्हें खरीदती व Manage करती हैं, जो कि काफी महंगे होते हैं और एक User के रूप में अथवा एक संस्था के रूप में भी हम इन महंगी Devices व इनकी Technology को Afford व Manage नहीं कर सकते।

इस प्रकार से विभिन्न छोटे-छोटे Networks को आपस में Connect करने के लिए एक ISP के रूप में ये Telephone Companies अपनी Telephone Lines की Cables Provide करते हुए वे भी Internet के इस Network का हिस्सा बन जाती हैं और Network के माध्‍यम (Medium) के रूप में अपना महत्वपूर्ण Role Play करती हैं जबकि Telephone की Cables, Switching Devices, EquipmentsServices पर इन Telephone Companies का ही अधिकार होता है, जिन्हें ठीक उसी तरह से इन Companies ने खरीदा होता है, जिस तरह से Internet से Connect होने के लिए हमने हमारा Computer, Smartphone या Tablet PC खरीदा होता है।

यानी Internet के विकास के लिए कोई भी किसी को भी Directly Fund नहीं करता, लेकिन Internet की सुविधा से जुडने व Internet की सुविधा Provide करने के लिए Indirectly सभी लोग भुगतान करते हैं और बेहतर सुविधा Provide करने व बेहतर सुविधा की मांग करने के रूप में Internet का Indirectly विकास होता रहता है।

उदाहरण के लिए जब आप अपने ISP (Internet Service Provider) यानी उस Telephone Company से Fast Internet की मांग करते हैं, जिसे आप Internet से Connect होने के लिए भुगतान करते हैं, तो वह Telephone Company, वैज्ञानिकों को Fund करती है, ताकि वैज्ञानिक इस बात का पता लगा सकें कि किस तरह से Data को और तेज गति से व अधिक Secure तरीके से Transfer किया जा सकता है।

फिर वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि Fiber Optics की Cables पर Data Flow Fast व अधिक Secure होता है। परिणामस्वरूप Fiber Optics की Cables बनने लगती हैं, जिन्हें ये Telephone Companies खरीदती हैं और Normal Wires के स्थान पर Fiber Optics की Cables बिछाती है, जिससे आपको Fast Internet प्राप्त होता है और Indirectly Internet का विकास होता है।

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