What is Hypertext and Hypermedia

What is Hypertext and Hypermedia – Hypertext Current Document में लिखा गया ऐसा Electronic Text होता है, जो कि किसी दूसरे Electronic Document से Linked रहता है और Clickable होता है। परिणामस्वरूप जैसे ही Current Document के उस Particular Hypertext को Click करते हैं, हमारे सामने वह दूसरा Document Display होने लगता है, जो कि उस Hypertext से Linked था।

Hypertext को यदि और सरल शब्दों में समझें, तो आप जब भी कोई Website Open करते हैं, उसमें जगह-जगह विभिन्न प्रकार के ऐसे Text लिखे होते हैं, जिन्हें Click किया जा सकता है और जब हम इन Click करने योग्‍य Text को Click करते हैं, तो हमारे Web Browser में एक नया Document Load हो जाता है, जो कि उस Clickable Text के साथ Linked था। इन्हीं Clickable Link Text को ही Hypertext कहा जाता है।

अन्‍य शब्दों में कहें तो Hypertext Clickable होता है जिसके साथ कोई अन्‍य Electronic Document Linked रहता है।

जब 1990 के दशक में World Wide Web को Develop किया जा रहा था, तब Tim ने केवल Text Content के साथ ही किसी दूसरे Document को Link करने की व्‍यवस्था को परिभाषित किया था क्‍योंकि उस समय केवल Text Information को ही Internet द्वारा Manage किया जाता था।

लेकिन जैसे-जैसे Web का विकास होता गया, Text के अलावा अन्‍य प्रकार के Media जैसे कि Images, Audio, Video, Animation आदि भी Web पर आने लगे और हमारा Web Rich Multimedia युक्त होने लगा। परिणामस्वरूप ऐसे Protocols बनाए गए जो इन Rich Media को भी आपस में Link करने में सक्षम हुए और वर्तमान समय में हम न केवल Text को बल्कि कई अन्‍य प्रकार के Media को भी आपस में Link कर सकते हैं।

अत: Hypertext Links कहने के स्थान पर Create किए जाने वाले Links को उस स्थिति में हम Hypermedia Links भी कह सकते हैं, जब हम किसी Document को दूसरे Document के साथ Link करने के लिए Text के स्थान पर Media (Audio, Video, Image, Animation, etc…) को Use कर रहे होते हैं। लेकिन वर्तमान समय में इन दोनों Links को एक Common नाम Hyperlink से ही Represent किया जाने लगा है।

जब Web को शुरू-शुरू में Launch किया गया था, तब Internet पर उपलब्ध सारा Data केवल Text Document के Format में ही हुआ करते थे, जिन्हें आपस में Hypertext Links के माध्‍यम से Connect किया जाता था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, अलग-अलग तरह के Data को Internet के माध्‍यम से Share व Link किया जाने लगा, जिनमें Text के अलावा जो सबसे मुख्‍य प्रकार का Data था, वह Image Data था। फिर धीरे-धीरे अन्‍य प्रकार के Data जैसे कि Animation, Sound व Video को भी Web के माध्‍यम से Share व Interlink किया जाने लगा और केवल Text Information की Linking से शुरू होने वाला Web वर्तमान समय तक पहुंचते-पहुंचते Rich Media युक्त Web बन चुका है।

अत: अब न तो Hypertext शब्द का वो मतलब रह गया है, जो Web की शुरूआत में था, न ही Documents का वो मतलब रह गया है, जिनमें Web की शुरूआत के दौरान केवल Text Content ही हुआ करते थे। बल्कि अब Web पर उपलब्ध विभिन्न Documents वास्तव में Rich Multimedia (Text, Audio, Video, Image, Animation, etc…) युक्त Media Documents होते हैं, जिन्हें Document कहना ठीक प्रतीत नहीं होता।

इसीलिए जैसे-जैसे Internet पर Text के अलावा अन्‍य प्रकार के Data को Include किया जाने लगा, Different Format के Data को एक Single Word के माध्‍यम से Represent करने की जरूरत महसूस हुई क्‍योंकि जिन Documents में Text के अलावा अन्‍य Format के Data भी हों, उन्हें केवल Document कहना उपयुक्त प्रतीत नहीं होता था और इसीलिए इन विभिन्न प्रकार के Data को एक Single शब्द के रूप में Resource कहा जाने लगा है। यानी यदि किसी Webpage में Text, 2 Image, 1 Audio, 3 Video व 1 Animation हो, तो हम कह सकते हैं कि उस Webpage पर Text के अलावा 7 अन्‍य Resource Exist हैं।

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