क्‍यों Delay हो रही है “Android in Hindi” की EBook?

Android in Hindi EBook

Android in Hindi EBook

पिछले लम्‍बे समय से ढ़ेरों OLD BUYERS ये सवाल पूछ रहे हैं और सभी को अलग-अलग जवाब देना और समझाना काफी कठिन हो रहा है। इसलिए ये Post केवल इसी सवाल का जवाब Clear करने के लिए है।

Android in Hindi EBook के Delay होने के दो कारण हैं- पहला Direct और दूसरा Indirect

Direct कारण ये है कि Android एक Core Java + XML + Android APIs + Event Driven Programming Model based GUI + DBMS + Design Patterns + So Many More Technologies … पर आधारित Mobile Apps Develop करने का Framework है और Frameworks को सरल तरीके से समझाना सबसे मुश्किल काम है।

क्‍योंकि किसी भी Framework में Practical Projects Develop किए जाते हैं और Practical Projects कभी भी किसी एक Single Programming Language में नहीं बनते बल्कि विभिन्‍न प्रकार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई अलग तरह की Technologies को Mix करते हुए Use करना पड़ता है।

यदि हम केवल Android की ही बात करें, तो एक मामूली सा Android App Develop करने के लिए भी Core Java, XML, Android APIs, Event Driven Programming Model based GUI, DBMS, Design Patterns के साथ ही और भी कई तरह के Core Concepts व Technologies का बहुत अच्‍छा ज्ञान होना जरूरी होता है।

और जब बात Professional Level के Apps Develop करने की आती है, तब App की Functionalities से ज्‍यादा App Development होने में लगने वाला समय ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण हो जाता है। क्‍योंकि यदि Android App की ही बात करें, तो केवल Core Java + Android API Technologies का प्रयोग करते हुए Android App बनाने की कोशिश की जाए, तो साधारण सा “Hello World” Android App Develop करने में भी हजार से ज्‍यादा Lines की Coding करनी पड़ सकती है।

इस‍ स्थिति में Android Apps को आसानी से व कम से कम समय में Develop करने व ज्‍यादा से ज्‍यादा Functionality युक्‍त बनाने के लिए जरूरी है कि कम से कम Codes द्वारा ज्‍यादा से ज्‍यादा Functionalities को Define किया जा सके और इसी वजह से Android App Development को एक Framework की तरह Establish किया गया है जिसमें ज्‍यादातर Common Tasks को Complete करने के लिए कम से कम या न के बराबर Codes लिखने पड़ते हैं लेकिन बहुत सारे Configurations करने पड़ते हैं और Coding को समझाना आसान होता है जबकि Configurations को समझाने के लिए उससे सम्‍बंधित पूरे Theoretical Concept को भी विस्‍तार से Discuss करना पड़ता है, जिसमें काफी ज्‍यादा समय लगता है और Subject भी काफी जटिल हो जाता है।

उदाहरण के लिए जब हम Android App में एक Simple सा Command Button Create करने के बारे में बात करते हैं, तब भी हमें पहले पूरा Event Driven Programming Model समझाना पड़ता है क्‍योंकि जब तक इस Model को न समझाया जाए, तब तक Visual Programming व उसके विभिन्‍न Aspects जैसे कि Events, Event Listeners, Event Handlers, GUI Components व GUI से सम्‍बंधित अन्‍य बातों को ठीक से Clear नहीं किया जा सकता और स्‍वयं Graphics Programming अपने आप में काफी बड़ा Subject है जिसे ठीक से Clear करने के लिए कम से कम 1000 से 1500 Pages की EBook Create करनी पड़ सकती है। साथ ही स्‍वयं Core Java और XML भी अपने आप में 1000 से ज्‍यादा Pages का Content है।

ऐसे में Core Java, XML, GUI, DBMS, Framework के Design Patterns तथा Android API जैसी ढेर सारी Technologies को एक साथ एक ही EBook में कम से कम शब्‍दों में बेहतर तरीके से समझाते हुए Android Framework को इस तरह से Discuss करना ताकि पढ़ने वाला Reader, कम से कम छोटा मोटा Android App Develop कर सके अथवा कम से कम Android Development के Core Concepts को तो ठीक से समझ ही सके, काफी जटिल काम है और इसीलिए Android in Hindi EBook को Launch करने में काफी Delay हो रहा है।

अब बात करता हुं Android in Hindi के Delay होने के Indirect कारण की और Indirect कारण केवल एक ही है कि अब EBooks की Selling से Survive करना कठिन हो गया है। अब EBooks से इतनी Earning नहीं होती कि मैं अपना पूरा समय New Subjects की EBooks Develop करने में दे सकूं जैसा कि लगभग 2 साल पहले तक किया करता था।

पिछले तीन-चार सालों में हर चीज की कीमत लगभग दुगुनी हो चुकी है लेकिन मेरी EBooks की कीमत अभी भी वही है जो लगभग 3 साल पहले थी। मैं इनकी कीमत बढ़ा भी नहीं सकता क्‍योंकि वैसे भी ज्‍यादातर लोग HARDCOPY के लिए ही PAY करना चाहते हैं। SOFTCOPY तो सभी को FREE ही चाहिए क्‍योंकि ज्‍यादातर लोगों को यही लगता है जैसे कि Softcopy EBooks को लिखने में कोई Investment ही नहीं होता। इसलिए अब नई EBooks Create करने की इच्‍छा भी नहीं होती और यही कारण है कि पिछले 2.5 सालों से मैंने एक भी नई EBook Create नहीं की।

इसके अलावा Softcopy EBooks की लोग आसानी से Sharing भी कर लेते हैं। जहां तक मैं अनुमान लगाता हुं, तो लगभग मेरे हर BUYER ने मेरी EBooks को कम से कम 10 लोगों के साथ FREE SHARE किया है। यदि वे लोग मेरी EBooks को Free Share न करते और अन्‍य लोगों को भी मेरी EBooks खरीदने के लिए प्रेरित करते, तो मैं आसानी से Survive कर पाता और हर नई Technology पर जिन्‍दगी भर लिखता रहता क्‍योंकि Programming सीखना और लिखना मेरा Passion था। लेकिन मेरे OLD BUYERS ने ही FREE SHARING करके मेरे Passion को लगभग खत्‍म कर दिया।

इसलिए अब Survive करने के लिए कई अलग काम करने पड़ते हैं और इसी वजह से New EBooks Writing के लिए न तो पर्याप्‍त समय मिल पाता है न ही लिखने की इच्‍छा होती है। इसलिए सम्‍भवतया अब BccFalna.com पर और ज्‍यादा EBooks नहीं आ पाऐंगी।

क्‍योंकि लिखना मुझे पसन्‍द है, इसलिए कोशिश करूंगा कि जिन EBooks को मैंने शुरू किया था, जैसे कि Advance Java (JSP/Servlets), Python, Android, VB.NET… उन्‍हें Complete कर दूं। लेकिन इन EBooks को लिखने में काफी समय लगेगा। लेकिन क्‍योंकि मुझे Survive करने के लिए अन्‍य काम करने पड़ते हैं, इसलिए अब साल – छ: महीने में कोई एकाध EBook ही आ पाएगी और वो भी तब तक जब तक कि मेरा दूसरा BUSINESS पूरी तरह से SETUP नहीं हो जाता।

बहुत सारे Subjects थे मेरे दिमाग में जिन पर मैं काफी विस्‍तार से लिखना चाहता था जैसे कि Cyber Security, Hacking, Cracking, Networking, Artificial Intelligence, Operating System Development, Computer Architecture, Linux/Unix, Client/Server Architecture, etc… और इन Subjects के जानकारों की निकट भविष्‍य में हमारे देश में जबरदस्‍त मांग भी होने वाली है, लेकिन कोई खुद भूखा रहकर दूसरों के पेट भरने की व्‍यवस्‍था नहीं कर सकता। इसलिए अब ये सभी Subjects केवल मेरे दिमाग में ही रहेंगे और कभी EBooks के रूप में मेरी Site पर Selling के लिए उपलब्‍ध नहीं होंगे जिसका मुख्‍य कारण केवल वे लोग हैं, जिन्‍होंने मेरी EBooks की PIRACY की है। बिना PAY किए हुए उससे फायदा उठाने की कोशिश की है। मेरी लिखी किताबों को अपने नाम से SELL की हैं। लोगों के साथ FREE SHARING की है।

तो, In Short, Android in Hindi को Launch होने में अभी और समय लगेगा।

कितना समय लगेगा ?

मैं नहीं जानता। लेकिन Android in Hindi के बाद मैं और कोई EBook लिखूंगा या नहीं, ये केवल इसी बात पर निर्भर करता है, कि इस EBook को लिखने के लिए जितने लोगों ने मुझे SMS, EMAIL, WhatsAppPhone Calls के माध्‍यम से कहा है, उन में से कितने लोग इसे Pay करके खरीदते हैं। क्‍योंकि अगर उन में से 50 प्रतिशत लोग भी इसे PAY करके नहीं खरीदते तो इसका मतलब यही है कि मेरी इस EBook को भी उनमें से ज्‍यादातर लोगों ने आपस में ही FREE SHARE कर लिया है और मैं लोगों के आपस में FREE SHARE करने के लिए हजारों घण्‍टों तक नहीं लिख सकता और उस स्थिति में Android in Hindi मेरी Last EBook होगी।

जिस Business को Setup करने के लिए जिन्‍दगी के 15+ साल दिए हों, 15000 से ज्‍यादा Pages लिखें हों, और 15 साल बाद किसी अन्‍य Business को Setup करने की जरूरत पड़ जाए, तो तकलीफ होती है। और तकलीफ तब और भी ज्‍यादा होती है जब जिन लोगों की मदद करने के लिए जिन्‍दगी के 15 साल दिए हों, वे ही लोग Survive न कर पाने का कारण बन जाएं।

मुझे बहुत खुशी होती अगर मेरे Buyers ने मेरी EBooks, FREE Share न की होती, उसकी Piracy न की होती और Free Sharing करने के बजाय मेरी EBooks को खरीद कर पढ़ने के लिए प्रेरित किया होता। तो मैं आसानी से Survive कर पाता और आने वाली Generation को ढेर सारी Advanced Technologies की EBooks आसानी से समझने योग्‍य हिन्‍दी भाषा में मिलती रहती और मैं जिन्‍दगी भर लिखता रहता।

खैर। जो होता है, अच्‍छे के लिए होता है।

जिन Buyers ने मेरी EBooks खरीदीं, उनका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

जिन Buyers ने मेरी EBooks की Piracy की, उसे लोगों के साथ Free Share किया, उनका और भी ज्‍यादा धन्‍यवाद क्‍योंकि उन्‍हीं की वजह से अब मुझे कुछ और करने की जरूरत है ताकि मैं Survive कर सकूं।

इसी उम्‍मीद के साथ मैं जल्‍दी से जल्‍दी Android in Hindi पूरी करने की कोशिश करूंगा ताकि अपना पूरा समय नए Business को सीखने, समझने, और उसे Develop करने पर दे सकूं लेकिन निश्चित रूप से Android in Hindi को Launch होने में अभी और Delay होगा।

Comments

  1. mohit swami says:

    sir I’m so sad after reading this blog. I’m ture student who had not shared you any ebook with anyone. but sir i request to you that don’t stop your teaching your are a best teacher who has brilliant knowledge. find another way of teaching which beneficial for you and can’t be copied by anyone.

  2. Plz sir do not stop writing ya aap video series start karo like udemy or other video website plz.. sir

  3. E-Book लिखने के बजाय उसका Video Tutorial बनाइये और खुद का वेबसाइट बनाकर उस विडियो को उसमे डाल दीजिये और Time bound Membership charge करिए. Membership वेबसाइट को देखने के लिए membership लेना होता है. यदि कोई membership लेता है तो वो विडियो online ही देख सकता है, एक समय में एक ही device पर login होता है.

    video को डाउनलोड करना almost impossible है until customer खुद expert ना हो, यदि कोई download भी कर लेता है तो ये time consuming होगा, as human nature जो मेहनत करना डाउनलोड में वो किसी से शेयर नहीं करेगा as human nature.

    कुछ लोग जो intentionally pirate करना चाहेगे वो बहुत कम होगे ऐसे लोगो पर FIR दर्ज करवायी जा सकती है. ebooks बहुत ही insure है time consuming भी है और कम bytes की होती है जो आसानी से circulate की जा सकती है.

    मैं आपका customer हूँ और आपका इस तरह चले जाना एक क्षति है. आप ऑनलाइन विडियो क्लासेज चालू करिए membership के जरिए. Membership के जरिए आपकी सालाना income भी बांध जाएगी.

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